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योगी ने अधिकारियों से भी मांगा संपत्ति का ब्यौरा,दिलाई शपथ

लखनऊ ब्यूरो। न खाऊंगा और न खाने दूंगा की राह पर चलते हुये मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने मंत्रियों के बाद अधिकारियों से भी अपनी आय और चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा सर्वजनिक करने को कहा है। अधिकारियों को भी इसके लिये 15 दिन का समय दिया गया हैं। उन्होंने अधिकारियों को शपथ दिलायी और कहा कि भ्रष्‍टाचार बड़ी समस्या है, वह चाहेंगे कि उनके सहयोगी मंत्री और अधिकारी शपथ के अनुरूप कार्य करें,वह खुद भी इसी रास्ते पर चलेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही मंत्रियों के साथ पहली बैठक में ही रविवार को योगी ने अपने सहयोगियों को 15 दिन के भीतर आय और चल अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। सोमवार को मुख्यमंत्री ने लोकभवन में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और कहां कि भाजपा के चुनावी संकल्प पत्र के वादों को लागू करने की योजना जल्द से जल्द बनायी जाये। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि यह उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ परिचय बैठक थी। अधिकारियों से कहा गया है कि संकल्प पत्र को लागू करना है। बैठक में प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के लगभग 65 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों को भाजपा के संकल्प पत्र की प्रतियां दी गईं और निर्देश भी कि वे अपने अपने विभागों का रोडमैप बनाएं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर जनता के लिये सम्मानपूर्ण जीवन जीने का माहौल बनाया जाये। उन्होंने  भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेन्स की नीति अपनाने का निर्देश देते हुये कहा कि संवेदनशील और ईमानदार अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती की जाए। पक्षपात रहित काम करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग का सिटीजन चार्टर तैयार किया जाना चाहिये ताकि आम आदमी को राज्य सरकार की सेवाएं निर्धारित समय से मिल सकें। कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुये मुख्यमंत्री ने अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि थानों और तहसीलों जैसी प्रशासनिक इकाइयों को राजनैतिक दबावों से मुक्त रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग 90 फीसदी जनता की आवश्यकताओं की पूर्ति थानो और तहसीलों के माध्यम से ही होती है इसलिए इन पर विशेष निगाह रखी जाए। कृषि क्षेत्र की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान समय से किया जाए। अनाजों के उत्पादन के सुरक्षित भण्डारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही कृषि आधारित उद्योग-धन्धों को बढ़ावा देने के लिए गंभीरता से काम किया जाए। प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण बनाने और नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जरूरी निर्णय लेने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल विण्डो सिस्टम की व्यवस्था की जाये। इसके साथ ही केन्द्र सरकार द्वारा संचालित स्टार्टअप और कौशल विकास योजनाओं को भी प्रभावी रूप से लागू किया जाये जिससे प्रदेश में निवेश का वातावरण बन सके। प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इस मामले में अन्य प्रदेशों की अपेक्षा काफी पीछे छूट गया है। राज्य के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता का अभाव है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में सफाई कर्मियों की उपलब्धता के बावजूद स्वच्छता में लापरवाही बरती जा रही है जिससे कई प्रकार की बीमारियां फैल रही हैं। इस दिशा में तत्काल कार्य करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि दिसंबर-2017 तक प्रदेश के 30 जनपदों में स्वच्छता मिशन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाए। बैठक में दोनों उप मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव भी मौजूद थे।

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