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नार्को टेस्ट को लेकर विधायक सुशील सिंह व अमरनाथ चौबे आमने-सामने

वाराणसी। बसपा नेता राम बिहारी चौबे की हत्या के बाद इस कदर खलबली नहीं मची थी जितनी घटना के खुलासे के बाद। इस मामले में शूटर के रूप में तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद सैयदराजा के भाजपा विधायक उनके पक्ष में उतर आये हैं तो स्व. चौबे के पुत्र अमरनाथ ने आरोपों की झड़ी लगा दी है। दोनों की पक्ष सीएम योगी आदित्यनाथ के दरवार में न्याय की गुहार लगा चुके हैं। इस बीच नार्को टेस्ट का मामला भी उछलने लगा है। पहले अमरनाथ की तरफ से इसकी मांग की गयी तो विधायक ने इससे सहमति जताते हुए कुछ पुलिसकर्मियों का टेस्ट कराने की मांग कर दी। अमरनाथ ने मामले को नया मोड देते हुए अपने खर्च पर नार्को टेस्ट कराने की पेशकश की है। शर्त यह है कि विधायक सुशील का भी यह टेस्ट कराया जाये और इसे लाइव दिखाया जाये। अमरनाथ ने इसकी खातिर पीएम-सीएम से लेकर सुप्रीम व हाईकोर्ट के प्रधान न्यायाधीश से लेकर जिला जज को पत्र भेजा है। अमरनाथ ने अपने पत्र में विधायक सुशील सिंह पर एक बार से संगीन आरोप लगाये हैं। बकौल अमरनाथ सकलडीहा से चुनाव लड़ने के  बाद से उनके पिता की हत्या की साजिश रची जा रही थी। सुशील से अपनी जान का खतरा बताते हुए राम बिहारी चौबे ने 25 जुलाई 2013 राज्यपाल को पत्र भेजा था। अमरनाथ का दावा है कि पिता की हत्या के बाद से थानेदार से लेकर पीएम के कार्यालय तक पत्र भेज कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी लेकिन तरह की कार्रवाई नहीं हुई। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद योगी अदित्यनाथ सीएम बने तो पुलिस ने हत्यारोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद विधायक उनके पक्ष में खुल कर उतर गये। कार्रवाई शिनाख्त में आरोपितों की पहचान होने के बाद स्पष्ट हो चुका है कि विधायक की संलिप्तता है। अमरनाथ का कहना है कि विधायक के खिलाफ 24 मामले पहले से दर्ज हैं। राम बिहारी चौबे हत्याकांड में नार्को टेस्ट को लेकर दोनों पक्ष शर्तो के साथ सहमति जता रहे हैं लेकिन इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट ने स्पष्ट दिशा निर्देश दे रखे हैं। कानूनन किसी भी व्यक्ति का नार्को टेस्ट तह तक नहीं कराया जा सकता है जह वह खुद इसके लिए सहमति न दे दें। शर्तो के साथ नार्को टेस्ट की मांग यह दर्शाता है कि इसके होने की संभावना न के बराबर है। बहरहाल दोनों पक्षों के बीच इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर से आरम्भ हो चुका है। पुलिस मामले में साजिश रचने की धारा बढ़ा चुकी है और आने वाले समय में इसे लेकर फिर से घमासान मचना तय है।

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