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पुलिस ने बाइक उड़ाने वाले गैंग का नेटवर्क किया ध्वस्त, नौ बाइक के साथ तीन बदमाश गिरफ्तार

भदोही। ज़िले की पुलिस को बड़ी सफलता मिली है । कई जिलों में फैले वाहन चोरों के नेटवर्क का खुलासा किया । साथ ही चुराए गए नौ दो पहिया वाहन के साथ तीन आरोपियों को क्राइम ब्रान्च की टीम ने दोपहर 12.30 बजे के करीब वाहन चेकिंग के दौरान ज्ञानपुर कोतवाली के दुल्हीपुर तिराहा से गिरफ्तार किया । पुलिस ने इनके पास से चोरी की तीन बाइक बरामद किया। साथ ही पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर चोरी के छह  और दोपहिया वाहन के साथ साथ कुल नौ बाइक बरामद की गई । पुलिस अधीक्षक डीपीएन पाण्डेय ने गिरफ्तारी एवं बरामदगी करने वाली टीम को 5000 रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें रिकिन कुमार उर्फ किंग उर्फ छोटे पुत्र नन्दलाल  देवपुर,चकमनधाता थाना गोपीगंज। सौरभ चौबे उर्फ विशाल पुत्र विरेन्द्र चौबे उर्फ बबलू निवासी सेउर औराई के साथ आकाश सिंह पुत्र हरिदास सिंह , जोगिनका गोपीगंज को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में  बताया कि हम लोग पैसों की लालच में दो पहिया वाहनों की चोरी भीड़ भाड़ वाले स्थानो से करते थे । समय और स्थान का निर्धारण गैंग का सरगना रिकिन उर्फ किंग उर्फ छोटू करता। सबसे पहले गैंग सरगना सार्वजनिक स्थान जैसे कचहरी, सरकारी हास्पिटल, सरकारी संस्थान आदि के परिसर व गेट के पास खड़ा हो जाता तथा वहां पर  आने वाले दो पहिया वाहन सवारियों का हाव भाव देखता।  यदि चालक अकेला रहता और अपनी गाड़ी खड़ी करके परिसर में प्रवेश करता,  तो उस वाहन को लक्ष्य करके हम लोग अपने पास रखे मास्टर चाभी का प्रयोग कर,  वाहनों की चोरी कर लेते। चोरी करने के बाद वाहनो  को किसी सुरक्षित स्थान या पार्किंग स्थान पर अस्थाई  रूप से पहचान छिपाकर रखा जाता।  चोरी के वाहनों को कुछ दिन के बाद गैंग सरगना अपने गैंग के सदस्य सौरभ चौबे उर्फ विशाल चौबे को वाहन के निस्तारण के लिये सुपुर्द किया जाता । सौरभ अपना ठिकाना इस समय झलवा बाजार थाना धूमनगंज इलाहाबाद बनाया है। जहां अस्थायी रूप से रहकर वह चोरी के वाहनों का नया ग्राहक खोजकर उसका नम्बर परिवर्तित कर 4000-5000 रूपयों में बेच देता।  गाड़ी का परिवर्तित नम्बर स्थानीय शहर के अनुसार अंकित किया जाता । आरोपी ग्राहक को यह बताकर गाड़ी बेचते है कि दो चार  दिन में आरटीओ कार्यालय से गाड़ी का कागजात सत्यापन कराकर सुपुर्द कर दिया जायेगा। बाद में हम लोग कागजात देने में हिला-हवाली करते थे। वाहन के बिक्री से मिले पैसों को आपस में 60: 40 के अनुपात में बाट लेते है।पकड़े गए सभी आरोपियों के पर कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार करनेवाली टीम में एसआई सतेन्द्र कुमार यादव प्रभारी स्वाट टीम, प्रभारी निरीक्षक ज्ञानपुर अनिल कुमार यादव और  सुरियांवा थाने के एसआई सुनील कुमार वर्मा  सचिन कुमार झां, राधेश्याम कुशवाहा, इन्दू प्रकाश गौतम , सर्वेश राय , ओमप्रकाश यादव, सिकन्दर कुमार ,अनन्त लाल यादव , ब्रज किशोर शर्मा , फैजान खान , सुभाष सिंह शामिल रहे ।

 

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