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यूपी-100 और 1090 पर प्रदेश को गर्व होना चाहिये: केन्द्रीय एजेन्सी

लखनऊ । पुलिस की कार्यप्राणी को बेहतर बनाने में शोध और विस्तार के लिये गठित केन्द्रीय एजेन्सी ब्यूरो आफ पुलिस रिसर्च एडं डेवलपमेंट की 14 सदस्यीय माइक्रो मिशन टीम ने यूपी-100 और 1090 का दौरा किया। विभिन्न राज्यों के 14 आईपीएस अधिकारियों की टीम ने प्रदेश की दोनों परियोजनाओं की सरहाना करते हुये कहा कि यह इंटरनेशनल स्तर से भी बेहतर सेवाये है, यूपी के लोगों को इस गर्व होना चाहिये। अन्य राज्यों में भी इस तरह की पुलिस सेवाये लागू हो इसके लिसे  ब्यूरो आफ पुलिस रिसर्च एडं डेवलपमेंट सिफारिश करेंगी। टीम के सदस्यों यूपी-100 कार्यालय का भ्रमण किया, वहां की कार्यप्राणी का अध्यन करने के बाद सदस्यों ने बताय कि यह सेवा काफी लाभकारी है। इसका लाभ गांवों तक पहुंच रहा है। इसे लेकर जनता की राय भी काफी सकारात्मक है। वहीं 1090 से महिलाओं का मनोबल बढ़ रहा है। यह दोनों सेवाएं अन्य राज्यों में भी लागू होनी चाहिये। ब्यूरो आफ पुलिस रिसर्च एडं डेवलपमेंट डीजी एमसी बोरवांकर ने अपने संगठन के संबंध में जानकारी देते हुये बताया कि आठ विषयों पर माइक्रों मिशन का गठन किया जा चुका है। जो टीम यहां आयी है, उसे थिंक टैक कहा जाता हैं। टीम के सभी सदस्यों को प्रदेश सरकार की दोनों परियोजनाये काफी बेहतर लगी। उन्होंने बताया कि इसे अन्य राज्यों में भी लागू करने की सिफारिश संगठन करेंगा। गौरतलब है कि यह दोनों परियोजनाये पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में थी। उन्होंने बताया कि गत 13 जनवरी को यूपी पुलिस के एडीजी ट्रफिक अनिल अग्रवाल दिल्ली में ब्यूरो आफ पुलिस रिसर्च एडं डेवलपमेंट द्वारा आयेजित माइक्रो मिशन-4 की बैठक में यूपी-100 पर प्रस्तुतिकरण पेश किया था और नेशनल पुलिस मिशन को एक रिपोर्ट दी गयी थी ताकि इसे एक प्रोजेक्ट का दर्जा मिल जाये। उन्होंने बताया कि जो प्रस्तुतिकरण दिल्ली में पेश किया गया था उससे काफी यूपी 100 यहां देखने को मिला। यूपी पुलिस की दोनों परियोजनाये काफी सराहनीय है। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों में पुलिस कई परियोजनाये चल रही है, जैसे केरल में साइबर डोम, केरल का ही स्टूडेंट क्रेडिट प्रोग्राम इसके तहत कक्षा 8 से 10 तक के छात्रों अच्छा नागरिक बनाने की कोशिश की जाती है। इसके अलावा पंजाब की साझ योजना इसके तहत पुलिस बिना एफआईआर के लोगों की समस्या का समाधान करती है, लेकिन यूपी की यह दोनों परियोजनाये काफी प्रभावी है। इसे अन्य राज्यों में लागू करने की सिफारिश की जायेगी। टीम मेंएमसी बोरवांकर डीजी बीपीआर एण्ड डी के अलावा प्रदीप कुमार डीजीपी होमगार्ड, डाक्टर निर्मल कुमार आजाद निदेशक एनपीएम, परवेज हयात एडीजी बीपीआर एण्ड डी, संजय राना एडीजी मप्र पुलिस, अनवेश मंगलम एडीजी टेलीकॉम मप्र, एसएल थावसेन एडीजी मप्र, मोहम्मद शकील अख्तर एडीजी तामिलनायडू पुलिस, एके चौधरी एडीजी पीएचसी जम्मू और कश्मीर, अमृत राज प्रिन्सिपल सीडीटीएस, महमूद अख्तर प्रिन्सिपल सीडीटीएस, कुलदीप सिंह एडीजी सीआरपीएफ  कोलकाता, कृष्णा एसपी एनपीएम और बीएम जोशी कमांडेंट दिल्ली सम्मिलित थे।

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