Home / अपराध / मस्जिद में नमाजी की हत्या व प्रतिबंधित मांस फेंकने के मामले में ब्लाक प्रमुखपति रमेश सिंह काका गिरफ्तार

मस्जिद में नमाजी की हत्या व प्रतिबंधित मांस फेंकने के मामले में ब्लाक प्रमुखपति रमेश सिंह काका गिरफ्तार

मऊ। उत्तर प्रदेश में मऊ के सरायलखंसी थाना क्षेत्र में गत दिनों पूर्व एक मस्जिद में प्रतिबंधित पशु का मांस फेंकने के दौरान विरोध करने पर वृद्ध नमाजी की हत्या करने के मामले में मऊ पुलिस ने पूर्व ब्लाक प्रमुख व वर्तमान में ब्लाक प्रमुख पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधिक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि गत 22 जून को सरायलखंसी थाना अंतर्गत नसीरपुर गांव में एक मस्जिद में प्रतिबंधित पशुओं का मांस फेंककर मस्जिद में इबादत कर रहे मोहब्बत यूनुस की गोली मारकर हत्या कर जनपद के सांप्रदायिक सौहार्द को नष्ट करने का प्रयास किया गया। जिसके संबंध में सरायलखंसी थाना में विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। उक्त प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के स्वयं के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में कई टीमों का गठन किया गया था। इस मामले में पुलिस ने बुधवार की शाम सरायलखंसी थाना अंतर्गत पखईपुर गांव निवासी शातिर गैंगस्टर रमेश सिंह उर्फ काका पुत्र रामवृक्ष सिंह को बढूआ गोदाम के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पूछताछ में रमेश सिंह काका ने बताया कि जनपद पुलिस का ध्यान भटकाने व अपनी संपत्तियों को सुरक्षित करने हेतु नसीरपुर गांव में मस्जिद में अपने सहयोगी अभय सिंह उर्फ दरोगा के साथ मिलकर उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। दो मोटरसाइकिल के साथ कुल 5 लोगों के साथ घटना को अंजाम देने के बाद वे लोग वहां से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में प्रमुख सुत्रधार रमेश सिंह काका को गिरफ्तार कर लिया जबकि चार अन्य अभी गिरफ्त से बाहर है। पूर्व ब्लाक प्रमुख रहे वह वर्तमान में ब्लाक प्रमुख पति शातिर गैंगस्टर रमेश सिंह काका पर वाराणसी में डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या समेत कुल 61 मुकदमे दर्ज हैं जिनमें 8 गैंगेस्टर के मुकदमे भी शामिल है। पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों को बताया कि जनपद में शातिर गैंगस्टर द्वारा अपने बाहूबल का प्रदर्शन करते हुए जनता को आतंकित कर छद्म स्वामित्व की आड़ में अकूत संपत्ति बनाई गई थी। उसको जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षक द्वारा 14 (1) गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त करने हेतु सक्रियता से संपत्तियों की खोज की कार्रवाई चल रही थी तथा गैंगस्टरों के सहयोगी ऊपर भी शिकंजा कसा जा रहा था, उससे शातिर गैंगस्टर बौखला गए थे। इन मुद्दों पर कार्यवाही से ध्यान भटकाने के व जनपद को सांप्रदायिकता की आग में झुलसाने का खण्यन्त्र कर बड़ी सूझबूझ से घटना को अंजाम दिया गया था। किंतु नसीरपुर ग्राम वासियों द्वारा सांप्रदायिक सौहार्द का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए उनकी मनसा को नाकाम कर दिया गया था।  पुलिस अधीक्षक महोदय थाना सरायलखंसी पुलिस को 5000 रुपए उत्साहवर्धन पुरस्कार से पुरस्कृत भी किया गया।

About admin

Check Also

ट्रेन से कटकर एक युवक की मौत

मिर्जापुर। जिले के अदलहाट थाना क्षेत्र के नरायनपुर चौकी के दर्रा गांव के सामने ट्रेन …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *