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भदोही : तीन सेमी प्रति घण्टे की रफ्तार से बढ़ रही गंगा

भदोही । उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के जिलों में हो रहीं बारिश से जनजीवन अस्त – व्यस्त हो चला है । वहीं गंगा समेत उसकी सहायक नदिया बढ़ रहीं हैं। जिससे गंगा के तराई वाले इलाक़ों के लोग सहमें हैं ।  बुधवार को भी सूरज नहीँ दिखा । केंद्रीय जल आयोग के सीतामढ़ी गेज स्थल के रीडिंग के अनुसार गंगा का पानी 3 सेंटीमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इस बढ़ाव से गंगा का पानी मंगलवार देर शाम को 69.800 मीटर के आंकड़े को पार कर लिया था। वैसे आज़ कुछ सामान्य स्थिति दिख रहीं है । जिले में लगातार जारी बरसात से कोनिया तराई क्षेत्र के लोग पूरी तरह सशंकित है। लगातार हो रहे जलबढ़ाव को देख छेछुआ, भुर्रा, हरिरामपुर, कुड़ीकला, करवंधिया, खेमापुर, अरई, बनकट, डीघ, कलिकमवैया, बसगोती मवैया सहित गंगा के किनारे बसे कई गांव के लोग पूरी तरह भयभीत हो गए हैं। दो दिनों की बारिश में ही छेछुआ गांव में कटान शुरू हो गई है जबकि अभी पूरी  बरसात व बाढ़ बाकी ही है। गंगा की गोदी में रह रहे परिवारों के छोटे बच्चे ज्यादा भयभीत हैं।  उन्हें डर है कि पता नहीं कब नदी का पानी उनके समीप पहुंच जाए। बारिस न थमने से लोगों की दैनिक क्रिया में बड़े बदलाव दिख रहे हैं। क्या बच्चे क्या जवान सभी घरों में नजर आ रहे हैं। और उनकी नित्यक्रिया में भी बदलाव दिख रहा है। कई  दिन से धूप नहीं खिली, काले बादल उमड़-घुमड़ कर बरस रहे हैं । जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त और चौपट हो गया है।  किसान भीगते हुए धान की रोपाई में जोरदार तरीके से लगे हुए हैं। इस बारिस ने बड़ी समस्या पशुओं के लिए भी खड़ी कर दी है, उनका भी देखरेख सही से नही हो पा रहा है । हर वर्ष गंगा नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि होती है,  जिससे कोनिया क्षेत्र व तराई इलाकों में बसे लोगों के बीच पानी पहुंच जाता है। इससे कई परिवार बेघर हो जाते हैं तो कइयों की लाखों की क्षति हो जाती है। प्रशासन निरीक्षण के अलावा कुछ नही कर पाता। अतः प्रशासन को अभी से इस प्राकृतिक आपदा से निबटने के लिए कमर कस लेनी चाहिए।

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