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एमएलसी यशवंत सिंह, बुक्‍कल नवाब व मधुकर जेटली का इस्तीफा, भाजपा का दामन थामने को तैयार

लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण के मामले में फंसे समाजवादी पार्टी के नेता बुक्कल नवाब का पार्टी से मोहभंग हो गया है। उनके साथ विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह व मधुकर जेटली ने शनिवार को समाजवादी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेहद करीबी माने जाने वाले विधान परिषद सदस्य बुक्कल नवाब ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ ही विधान परिषद सदस्य तथा पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के बेहद करीबी विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह ने भी आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मधुकर जेटली को मुलायम सिंह यादव का बेहद करीबी माना जाता है। वह उत्तर प्रदेश में मेट्रो के सलाहकार थे, लेकिन अखिलेश यादव ने उनको पद से हटा दिया था। समाजवादी पार्टी से विधान परिषद सदस्य तथा राष्ट्रीय शिया समाज के संस्थापक बुक्कल नवाब ने आज पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। बुक्कल नवाब ने कहा कि पिछली सरकार (अखिलेश यादव) ने मेरे समुदाय के साथ ज्यादती की थी। इस मौके पर बुक्कल नवाब ने कहा कि अभी और लोग भी समाजवादी पार्टी से इस्तीफा देंगे। नवाब ने कहा कि पार्टी में मुलायम सिंह यादव का काफी अपमान हो रहा है। उनका अपमान पार्टी में रहते हुए हमसे तो असहनीय है। इसी कारण से हम इस्तीफा दे रहे हैं। बुक्कल नवाब ने कहा कि बीते एक वर्ष से पार्टी के अंदर बेहद असहज महसूस कर रहा था। अब समाजवादी शब्द अपने साथ जोडऩा काफी कष्ट दे रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अब पार्टी नहीं समाजवादी अखाड़ा हो गई है। पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव जब अपने पिता का सम्मान नहीं कर रहे हैं तो पार्टी के अन्य लोगों का कैसे सम्मान करेंगे। बुक्कल नवाब ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केंद्र तथा राज्य में काफी अच्छा काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काफी अच्छा नारा दिया है। सबका साथ, सबका विकास। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी से निमंत्रण मिलता है तो वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने को तैयार हैं। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ काफी अच्छा काम कर रहे हैं। अभी तक उनकी सरकार के ऊपर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं है। बुक्कल नवाब के साथ ही यशवंत सिंह व मधुकर जेटली ने अपना-अपना इस्तीफा विधान परिषद के सभापति रमेश यादव को सौंप दिया है। माना जा रहा है कि जेटली तथा यशवंत सिंह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इनके इस्तीफे से खाली जगह पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को भारतीय जनता पार्टी विधान परिषद में भेज सकती है। बुक्कल नवाब राम मंदिर अयोध्या में बनाने के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर अयोध्या में ही बनना चाहिए। राम मंदिर अयोध्या में नहीं बनेगा तो क्या पाकिस्तान में बनेगा। राम मंदिर के मुद्दे पर कंधे से कंधा मिलाकर हम साथ हैं। भगवान श्रीराम का मंदिर अयोध्या में ही बनेगा। यह मंदिर पाकिस्तान, इंग्लैंड या हॉलैंड में तो बनेगा नहीं। इश्वर चाहेगा तो राम मंदिर अयोध्या में बनेगा। उन्होंने कहा कि मैंने दो साल पहले ही कहा था राम मंदिर अयोध्या में बनना चाहिए।

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