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तुमने ‘रंगकर्म’ को नई दिशा दी… आशीष, तेरे ‘संकल्प’ को सलाम

बलिया। तेरे त्याग को सलाम… तेरे जज्बे को सलाम… तेरी कोशिश को सलाम… तेरी हिम्मत को सलाम… तेरे हौसले को सलाम… तुमने नई दिशा दी… तेरी मजबूत सोच को सलाम… आशीष तेरे ‘संकल्प’ को सलाम…। आपने कथाकार मुंशी प्रेमचंद व लोक कलाकार भिखारी ठाकुर की महानता को एक साथ, एक मंच पर उतारकर न सिर्फ साहित्य जगत, बल्कि रंगमंच को और संवार दिया।  भिखारी ठाकुर के रंगकर्म के 100 साल पूरा होने तथा मुंशी प्रेमचंद की 137वीं जयंती की पूर्व संध्या पर साहित्यिक, सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था ‘संकल्प’ द्वारा की ओर से टाउन हाल बापू भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान दर्शकों ने मंच पर बेहतरीन अभिनय, नृत्य-संगीत का कमाल का संयोजन और उम्दा निर्देशन को देखा। संकल्प के मंजे हुए कलाकारों ने भिखारी ठाकुर की अमर कृति ‘बिदेसिया’ को जीवंत किया तो तालियों के साथ ही आह व वाह की गूंज भी सुनायी दी। कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ साहित्यकार डा. जनार्दन राय, डा. ज्योतिष जोशी, डा. राजेन्द्र भारती, रामजी तिवारी व शालिनी श्रीवास्तव ने दीप प्रज्जवलित कर किया। ‘प्रेमचंद ने जिसे लिखा, भिखारी ने उसे उतारा’ ‘प्रेमचंद के परिप्रेक्ष्य में भिखारी ठाकुर के योगदान’ विषय पर डा. जोशी ने करीब 35 मिनट का व्याख्यान दिया। कहा कि प्रेमचंद ने अपने साहित्य में जिन प्रश्नों को उठाया है, उसे भिखारी ठाकुर अपने नाटकों में उठाते हैं। समाज की विडम्बनाओं को प्रेमचंद ने अपने सैकड़ों कहानियों व उपन्यासों में उठाया है, भिखारी ठाकुर ने उसे मंच पर जीवंत कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान पर प्रेमचंद के ‘गोदान’ से बड़ा कोई उपन्यास नहीं है, जबकि पलायन व स्त्री व्यथा पर ‘बिदेशिया’ से बड़ा कोई नाटक नहीं। भिखारी ठाकुर व प्रेमचंद दोनों की रचनाओं में करूणा व्याप्त है। कार्यक्रम के दूसरे चरण में ‘बिदेसिया’ की शानदार प्रस्तुति हुई। गांव से शहर की ओर युवाओं का रोजगार के लिए पलायन और स्त्री की पीड़ा का मार्मिक आख्यान बिदेसिया दर्शकों के दिलो दिगाम पर छा गया। नाटक में प्यारी सुंदरी की भूमिका में रंगकर्मी स्मृति निधि का अभिनय जोरदार रहा। दूसरी पत्नी की भूमिका में सोनी ने भी शानदार तरीके से अपनी भूमिका निभायी। बटोही की भूमिका में आनंद चौहान हमेशा की तरह सबके चहेते बने। इन सबसे अलग बिदेसी की भूमिका में संकल्प के सचिव व ‘बिदेसिया’ के निर्देशक आशीष त्रिवेदी का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोला। अन्य कलाकारों में सुनील शर्मा, चंदन भारद्वाज, अमित, रोहित, ट्विंकल, अन्नू, अर्जुन, राजेश साहनी, संदीप, नीतीश पांडे आदि की भूमिका भी सराही गयी। पार्श्व गायन ओमप्रकाश, सोनी, कृष्ण मिट्ठू, पंकज व आदित्य का रहा।

‘आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी सम्मान’ से जोशी सम्मानित

बलिया। सुप्रसिद्ध आलोचक व विचारक डा. ज्योतिष जोशी को संकल्प की ओर से आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें साहित्य, कला व संस्कृति के क्षेत्र में लगभग 30 पुस्तकों की रचना व संक्रिया के लिए दिया गया। जोशी को देश के दर्जनों संस्थाओं से सम्मान मिल चुका है। इसमें बिहार राष्ट्र भाषा परिषद, केन्द्रीय संगीत नाटक अकादमी और भारत संरकार के संस्कृति मंत्रालय से प्राप्त पुरस्कार प्रमुख हैं। इसके साथ ही डा. जोशी ने सभी कलाकारों को प्रमाण पत्र दिया।

 

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