Breaking News
Home / बनारस / मुख्य सचिव के हस्तक्षेप से दाखिल हुई निलंबित एआरटीओं आरएस यादव के खिलाफ चार्जशीट

मुख्य सचिव के हस्तक्षेप से दाखिल हुई निलंबित एआरटीओं आरएस यादव के खिलाफ चार्जशीट

वाराणसी। चंदौली के अरबपति एआरटीओ आरएस यादव इन दिनों मीरजापुर जेल में निरुद्ध हैं लेकिन अपने करीबी सफेदपोशों की मदद से उन्होंने जमानत का ताना-बाना बुन लिया था। सूत्रों के मुताबिक आरएस के खिलाफ चार्जशीट काफी पहले ही विजलेंस और पुलिस ने तैयार कर ली थी लेकिन शासन से इसे दाखिल करने की अनुमति ही नहीं मिल रही थी। वजह, समायोजन के बाद आरएस यादव ने राजपत्रित अधिकारी का दर्जा भी बैकडोर से हासिल कर लिया था और इनके खिलाफ बगैर शासन की अनुमति के आरोपपत्र कोर्ट में भेजा नहीं जा सकता था। प्रमुख सचिव स्तर पर मामला रुकवा दिया गया था। उधर विजलेंस और पुलिस की सांस फूल रही थी कि समय बना नहीं था और यदि चार्जशीट 90 दिनों में दाखिल न होती तो खुद ब खुद जमानत मिल जाती। बहरहाल बुधवार की दोपहर बाद मुख्य सचिव के निर्देश के बाद चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति का आदेश बंद लिफाफे में विशेष वाहक द्वारा रवाना करने की जानकारी मिलने पर विजलेंस ने राहत की सांस ली। आरएस यादव के मामले में सभी की निगाहें इन दिनों प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई पर टिकी थी जबकि अंदरखाने में दूसरा खेल चल रहा था। इंट्री सिंडिकेट चलाने वाले ने अपने रिश्तेदार पूर्व कैबिनेट मंत्री के माध्यम से आरएस यादव के खिलाफ दर्ज मामलों में चार्जशीट दाखिल न होने देने के तानाबना बुना था। एआरटीओ की गिरफ्तारी पांच जून को हुई थी और तीन माह के भीतर चार्जशीट न दाखिल होने पर कोर्ट जमानत दे देती। पुलिस और विजलेंस पल्ला झाड़ लेते कि अनुमति ही नहीं मिली और विभागीय स्तर पर जांच के आजेश और दोषी के खिलाफ कार्रवाई के बयान के बाद मामला दब जाता। आरएस यादव के नजदीकी रिश्तेदार ने अपने बैचमेट के जरिये पैरवी भी करायी थी। आरएस यादव की बुधवार को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) की कोर्ट में पेशी के लिए आये तो बालू माफिया से लेकर परिवहन माफिया तक मौजूद थे। पेशी भले आधे घंटे में निबट गयी तो लेकिन दो घंटे से अधिक समय तक आरएस यादव कचहरी में मौजूद रहे। इस दौरान सफेदपोशों का आना-जाना भी रहा। निलंबित एआरटीओ भले प्रिजन वैन से आये थे लेकिन किसी राजनेता की तरह दर्जनों वाहनों का काफिला इनके साथ चल रहा था। पहले पुलिस पेशी पर वीडियोग्राफी कराती थी लेकिन मीरजापुर जाने के बाद से इसका क्रम टूट गया है। आते समय बाडी लैग्वेज कुछ और थी लेकिन जाने से पहले शासन से अनुमति मिलने की जानकारी मिलने पर चेहरा उतर गया था।

 

 

About admin

Check Also

बलिया पहुंची एनएचएआई टीम… जल्द बनेगा फ्लाईओवर

बलिया। माल्देपुर से कदम चौराहा तक प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण का रास्ता धीरे-धीरे साफ हो …