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गाजीपुर- परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद के जन्म भूमि को कोटिश: प्रणाम- राज्यपाल

गाजीपुर। परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की जन्म भूमि को प्रणाम करने का अवसर प्राप्त हुआ, यह मैं अपना सौभाग्य समझता हूं। उक्त बातें शहीद अब्दुल हमीद की शहादत दिवस पर संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महामहिम राम नाईक ने कहा। उन्होंने कहा कि अब तक पूरे देश में मात्र 21 लोगों को परमवीर चक्र प्राप्त हो सके हैं, जिनमें से गाजीपुर के अब्दुल हमीद यह जनपद ही नहीं बल्कि प्रदेश के लिए अभिमान की बात है। इस पवित्र भूमि पर अब्दुल हमीद की जन्मभूमि उनके परिजनों व तमाम शहीदों के परिजनों को प्रणाम प्रणाम करता हूं। मैं आप की भूमि को प्रणाम करने आया हूं। 1965 में पाकिस्तान ने धोखे से हमला किया जिसे दम्भ था अमेरिकी पैटन टैंक का। जो उस समय अजेय माना जाता था। लेकिन गाजीपुर के माटी के लाल अब्दुल हमीद ने सीमित संसाधन में एक-दो नहीं बल्कि 4 पैटन टैंक ध्वस्त कर पाकिस्तान के मंसूबे को बहुत ही नहीं किया बल्कि पूरे विश्व में भारत के अदम्य साहस और वीरता का लोहा मनवाया। तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने रसद आपूर्ति की कमी की व्यवस्था देखते हुए भारतीय संस्कृति का सहारा लेकर लोगों से उपवास का आह्वान किया जो कहीं न कहीं सफल रहा। ऐसा वीर बहादुर कभी-कभी पैदा होता है। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि एक सैनिक की सर्वश्रेष्ठ इच्छा देश की रक्षा के साथ ही अगर उसे शहादत का अवसर मिले तो अपना सौभाग्य समझता है। आज हम अपने घरों में आराम की नींद इसलिए ले पाते हैं क्योंकि सैनिक हमारी मजबूती के साथ रखवाली करते हैं। मेरा सेना के साथ विशेष जुड़ा रहा है, कारगिल युद्ध के समय 449 जवान शहीद हुए उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी को मैंने पेट्रोलियम मंत्री की हैसियत से सभी शहीदों के परिवारों को एक एक पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी देने का सलाह दिया। जिसे प्रधानमंत्री जी ने तत्काल मानते हुए मुझे ऐसा करने का आदेश दिया जिसे मैं अपना सौभाग्य समझता हूँ। सभा में परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्‍दुल हमीद की पत्‍नी रसूलन बीबी ने कार्यक्रम में आये हुए अतिथियों को स्‍मृति चिह्न देकर स्‍वागत किया। शहीद परिवार की तरफ से राज्‍यपाल से मांग किया गया कि जिले में मेडिकल कालेज व सेना में भर्ती होने के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर खोला जाय। जिससे कि युवक ट्रेनिंग लेकर सेना में भर्ती हो सकें। एमएसली चंचल सिंह ने राज्‍यपाल राम नाईक को स्‍मृति चिह्न प्रदान कर स्‍वागत किया।

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