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लखनऊ: नेताजी के प्रेस वार्ता पर है सबकी नजर, कर सकते है नये मोर्चे का ऐलान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत के लिए सोमवार का दिन काफी अहम है। दरअसल इसी दिन समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव लखनऊ के राम मनोहर लोहिया ट्रस्ट में प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव इस दिन हर नये मोर्च  को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार इस प्रेस कांफ्रेंस में शिवपाल सिंह यादव भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। यही नहीं मुलायम सिंह यादव की पुरानी पार्टी लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह को भी प्रेस कांफ्रेंस में बुलाए जाने की खबर है। दरअसल करीब साल भर बीतने के बाद भी समाजवादी पार्टी और परिवार में रार थमने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव हैं, वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव और राम गोपाल यादव हैं।मुलायम के बयानों पर गौर करें तो परिवार और पार्टी में रार के पीछे वह राम गोपाल यादव को ही दोषी मानते हैं. यही कारण है कि पिछले दिनों लोहिया ट्रस्ट की बैठक में अध्यक्ष के तौर पर मुलायम सिंह यादव ने राम गोपाल यादव को बाहर का रास्ता दिखा दिया। उधर समाजवादी पार्टी पर अखिलेश यादव और राम गोपाल यादव पूरी तरह से काबिज हो चुके हैं।  मुलायम पार्टी के संरक्षक जरूर हैं, लेकिन वह किसी भी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेते. वहीं शिवपाल की हैसियत भी पार्टी में सिर्फ विधायक की ही रह गई है। समाजवादी पार्टी के राज्य सम्मेलन के बाद अब मुलायम की ये प्रेस कांफ्रेंस काफी अहम मानी जा रही है. माना जा रहा है कि मुलायम अपने पुराने संगठन लोकदल के बैनर तले एक ‘सेक्युलर मोर्चा’ बना सकते हैं.। यह दावा लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने किया है। शिवपाल काफी पहले से ही मुलायम की अगुवाई में ‘समाजवादी सेक्युलर मोर्चा’ के गठन की बात कह रहे हैं, लेकिन यह अभी तक वजूद में नहीं आया है। इस बीच, लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह के अनुसार मुलायम और शिवपाल उनके साथ होंगे और मिलकर एक सेक्युलर मोर्चा बनाएंगे। सोमवार को होने वाली मुलायम की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। मालूम हो कि मुलायम कभी लोकदल के भी संस्थापक सदस्य थे। सुनील सिंह ने कहा कि उन्होंने शिवपाल से बात की है और शुरुआत में यह प्रयास होगा कि सेक्युलर मोर्चे का गठन लोकदल के बैनर तले हो। वैसे चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक, लोकदल एक पंजीकृत और गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है। इसकी स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह ने वर्ष 1980 में की थी और मुलायम उसके संस्थापक सदस्य थे। प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव के वक्त जब सपा में अंतर्कलह चरम पर थी और मुलायम ने खुद को पार्टी के मामलों से लगभग अलग कर लिया था, उस वक्त भी उनके अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं। उस समय भी लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने उनसे अपनी पार्टी के निशान पर चुनाव लड़ने की पेशकश की थी।

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