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बहुरूपिये से सावधान रहें अति पिछड़ा समाज, हमसब को खुद लड़नी पड़ेगी अपनी हक की लड़ाई

लखनऊ। कैबिनेट मंत्री व भासपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ने कहा कि उत्‍तर प्रदेश में अति पिछड़ों की 38 प्रतिशत आबादी है। अति पिछड़ी बिरादरी प्रदेश के 25 लोकसभा और 153 विधानसभा सीटों पर अपना महत्‍वपूर्ण भागीदारी रखी है। इन सीटों पर वह किसी को भी हरा-जीता सकते है। श्री राजभर ने कहा कि अत्‍यंत दुख की बात है कि अति पिछड़ो के नेता अपने लोगो को हक दिलाने के लिए नही लड़तें है बल्कि सांसद और विधायक बनने के लिए आपस में लड़ते और गुणा-गणित करते रहते है। जिससे की अति पिछड़ो को काफी दुदर्शा झेलनी पड़ रही है। अति पिछड़ों के नेता शासन द्वारा जारी 27 प्रतिशत आरक्षण पर अपनी भागीदारी के लिए कभी नही लड़ाई लड़ते है, संसद और विधानसभा में भी अपनी हक की आवाज को नही उठाते है। नौकरी व अन्‍य सरकारी सुविधाओं के लिए अति पिछड़ों के नेता सरकार से हिस्‍सेदारी की बात नही करते है, बल्कि ठिका-पट्टा तथा ट्रांसफर पोस्टिंग में अपना समय बर्बाद करते है। श्री राजभर ने अति पिछड़ो समाज को सजग रहने की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोगो से सावधान रहना चाहिए, यह केवल अति पिछड़े समाज को गुमराह करके अपना उल्‍लू सीधा करते है। अति पिछड़े समाज से श्री राजभर ने अपील किया है कि अपनी हिस्‍सेदारी लेने के लिए खुद मैदान में उतरना पड़ेगा। तभी जाकर अपना हक मिलेंगा। उन्‍होने बताया कि आठ अक्‍टूबर को अति पिछड़ा/अति दलित भागीदारी सम्‍मेलन जखनियां विधानसभा में होगा।

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