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लोकनायक को नमन् करने पहुंचे ‘माननीय’

बलिया। जिला मुख्यालय से लगभग 55 किमी दूर स्थित जेपी के पैतृक गांव जयप्रकाशनगर में जनप्रतिनिधि, व्यापारी, पत्रकार व साहित्यकारों ने पहुंचकर लोकनायक को याद किया और उनके महान व्यक्तित्व पर चर्चा की। प्रत्येक वर्ष जेपी जयंती पर ही माननीयों को लोकनायक जयप्रकाश नारायण याद आते है। सुबह से देर शाम तक जेपी नगरी में लोगों का आना-जाना लगा रहा। यहां मेला जैसा माहौल रहा।

जेपी संग्रहालय में पहुंचकर लोगों ने उनकी यादों को ताजा करते हुए चित्रों का अवलोकन किया। जेपी की धरोहर को देखने के लिए बिहार से भी नेता आये थे। जेपी के निजी कक्ष में रखे पड़े उनके बेड, टेबल, कुर्सी, चश्मा, सदरी, चप्पल को देखकर लोगों की आंखों में आंसू आ गये। जेपी द्वारा देशहित में किये गये कार्यों की चर्चाएं होती रही। सांसद भरत सिंह अपने समर्थकों के साथ जेपी नगरी पहुंचे, वहीं विधायक सुरेन्द्र सिंह भी पहुंचकर जेपी के चित्र पर माल्यार्पण किया। मंत्री उपेन्द्र तिवारी ने जेपी के गांव में पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इसी क्रम में नगर के एक होटल सभागार में लोकनायक जयप्रकाश नारायण एवं वेदांती जी महाराज की जयंती मनायी गई। भारत सरकार के पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. सीपी ठाकुर ने कहा कि लोकनायक जेपी का मै निजी डाक्टर रहा हूं। उनकी सोच महान थी। उनका व्यक्तित्व देश में चर्चा का विषय बना रहा। वह हमेशा देश की भलाई के लिए संघर्ष करते रहे। राष्ट्रीय संयोजक युवा चेतना रोहित कुमार सिंह ने कहा कि प्रतिवर्ष जेपी जयंती बलिया मुख्यालय पर मनायी जायेगी। विगत् दो वर्षों से जेपी जयंती मनायी जा रही है और अगले साल इसे विशाल रूप दिया जायेगा। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी जी महाराज, हरिनारायण राय, समीप ठाकुर, उमेश राय मुन्ना, रंजीत राय आदि मौजूद रहे।

 

 

लोकनायक ने देश को दी नई दिशा

बलिया। जिला सपा कार्यालय पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। उपस्थित लोगों ने लोकनायक के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि पदों की राजनीति से इतर ज्वलंत मुद्दों पर साहसिक संघर्ष द्वारा लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने हमेशा मुल्क को दिशा देने का काम किया। आजीवन कुरीतियों एवं राजनीतिक सत्ता के अहंकार के विरूद्ध होने वाले आंदोलनों के पर्याय लोकनायक के पीछे प्रधानमंत्री जैसा पद दौड़ रहा था, जिसे नकारने में उन्हें जरा भी हिचक नहीं हुआ। यह उनके आदर्श जीवन एवं संत हृदय व्यक्तित्व की पहचान है। हमारा दायित्व है कि लोकनायक के सपनों का भारत बनाने के लिए समाजवादी संघर्षों को नया आयाम दें। डॉ. विश्राम यादव, दीवान सिंह, अरूण कुमार यादव, रामजी यादव, धनंजय सिंह बिसेन, सुबाष यादव, हरेन्द्र गोंड, रोहित चौबे, सोनू यादव, मुन्नीलाल यादव, अजीत यादव, अमरेन्द्र सिंह, गुड्डू लाल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। संचालन डा. मदन राय ने किया।

 

चहुंओर गूंजा लोकनायक अमर रहे का नारा

जयप्रकाशनगर के लिए बुधवार का हर मायने में खास था। सुबह आठ बजे ही जयप्रकाशनगर की गलियां जब तक सुरज चांद रहेगा, जेपी तेरा नाम रहेगा, लोकनायक अमर रहेआदि नारे से गुंज उठी। जेपी ट्रस्ट द्वारा संचालित आचार्य नरेंद्र देव बाल विद्या मंदिर के बच्चों और शिक्षक शिक्षिकाओं ने प्रभात फेरी निकाल कर जेपी को याद किया। जेपी ट्रस्ट के सचिव सह एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू, सांसद भरत सिंह ने जेपी की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया। इसके उपरांत जेपी के वंशज विवेक कुमार, बैरिया विधायक सरेंद्रनाथ सिंह, छपरा जेपी विश्वविद्यालय के कुलपति डा़ हरिकेश सिंह, समाजसेवी सुर्यभान सिंह, अरविंद सिंह सेंगर, शैलेश सिंह, अशोक कुमार सिंह, रणजीत चौधरी, प्रेमशंकर सिंह, रामेश्वर सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह आदि ने लोकनायक को पुष्प अर्पित किया।

 

सिताबदियारा में घाघरा कटान पर मुख्य फोकस

लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 115वीं जयंती पर उनके गांव में दो मुद्दे सिताबदियारा की सभा में भी छाए रहे। इसमें पहला घाघरा कटान का मुद्दा था और दूसरा बीएसटी बांध की सड़क। जयप्रकाशनगर में सभा का आयोजन नहीं था। सभी बिहार सीमा के सिताबदियारा लाला टोला में आयोजित था। यहां मंच पर जेपी को नमन करने के बाद सभी वक्ता इन दो मुद्दों पर ही चर्चा करते दिखे। इसकी शुरूआत बलिया के सांसद भरत सिंह ने की। उन्होंने यहां पहुंचे केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि जेपी के गांव में सबसे बड़ी समस्या घाघरा से कटान की है। यदि इसका उपाय नहीं होता तो जेपी जयंती भी अगले साल से मन पाएगी या नहीं, कुछ भी नहीं कहा जा सकता।

 

बचे रहेंगे जेपी के गांव के तमाम धरोहर: अनंत कुमार

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने सबकी बातें सुनने के बाद लोगों को आश्वस्त किया कि जेपी के गांव के तमाम धरोहर हर हाल में सुरक्षित रहेंगे। यहां से जाने के बाद मै प्रधानमंत्री से बात करूंगा। यहां की सड़क के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी से भी चर्चा होगी। सिताबदियारा सदैव ऐतिहासिक धरोहर बना रहे, ऐसा प्रयास मै जरूर करूंगा। इस मौके पर संचालन कर रहे राष्ट्रीय किसान मोर्चा के अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि जेपी संपूर्ण भारत के थे। यहीं वह वजह कि यहां तमाम क्षेत्रों के गणमान्य पहुंचते हैं। इस दौरान सभा को सांसद भरत सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी, सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, ओमप्रकाश यादव, नित्यानंद राय आदि मौजूद रहे।

 

उपेन्द्र ने जेपी प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

यूपी सरकार का प्रतिनिधि बनकर मंत्री उपेंद्र तिवारी देर शाम जयप्रकाशनगर पहुंचे और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। कहा कि जेपी ने बिना किसी पद पर रहे जो मुकाम हासिल किया वह देश भर के लिए एक संदेश है। जेपी के गांव की समस्याओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सपा की सरकार नहीं है। हर चीज पारदर्शी है। समय के साथ सभी समस्याओं का निदान हर हाल में हो जाएगा। विधायक विनय कुमार द्विवेदी, धनन्जय कन्नौजिया, विनोदशंकर दुबे, नंदलाल सिंह, नागेंद्र पांडेय, भोला चौबे आदि मौजूद रहे।

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