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अछूत परिवार में जन्मे अम्बेडकर ने देश को दिया संविधानः रामलखन

चंदौली। सीआरपीएफ के कमांडेंट रामलखन ने कहा कि बाबा साहेब का योगदान न केवल भारतीय संविधान को आकार देने में रहा, बल्कि उन्होंने आजाद भारत में सभी वर्गो की भागीदारी सुनिश्चित करके एक ऐसा सशक्त राह प्रशस्त किया, जिसके बूते हमारा देश को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में सम्मान की निगाह से देखा जाता है। उस वक्त जब समय अछूतों का जीवन अत्यंत कठिन था। उनके साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से गहरा भेदभाव किया जाता था। महाराष्ट्र के महू में एक गरीब और अछूत कहे जाने वाले परिवार में जन्मे बाबा साहेब से पूरा जीवन गरीबों, यतीमों व दलितों के उत्थान के लिए संघर्ष में गुजार दिया। उक्त बातें सीआरपीएफ कमांडेंट बुधवार को सदर ब्लाक में आयोजित अम्बेडकर परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही।

उन्होंने कहा कि अम्बेडकर जी ने आजादी से पहले से ही अछूतों के अधिकारों के लिए संघर्ष शुरू किया और वे इस लड़ाई का पर्याय बन गए। आजाद भारत के संविधान में छूआछूत को कानूनन अपराध घोषित करने से लेकर समाज के वंचित तबके के अधिकारों की गारंटी बाबा साहेब की देन है। उन्होंने जीवन में परिवर्तन के लिए बहुविधि कार्य किये। उन्होंने एक और 1927 में महाड़ सत्याग्रह का नेतृत्व किया तो वर्ष 1930 में नासिक के कालाराम मंदिर में प्रवेश के लिए आन्दोलन को छेड़ा। रेल राजभाषा अधिकारी दिनेश चंद्रा ने कहा कि बाबा साहेब ने महिलाओं के लिए व्यापक आर्थिक और सामाजिक अधिकारों की वकालत की। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए सिविल सेवाओं, स्कूलों और कॉलेजों की नौकरियों में आरक्षण प्रणाली शुरू करने के लिए संविधान सभा का समर्थन भी हासिल किया। डा. सुबाष राम ने कहा कि बाबा साहब के विचार आज भी प्रासांगिक हैं। उन्होंने कलम की ताकत से गरीब जनता को भी सत्ता पर पहुंचने का कार्य किया है। लोकतंत्र की असली स्तम्भ जनता की ताकत को पहचान कर उसे मजबूत करने का कार्य किया है। बाबा साहब जीवन पर्यंत सामाजिक न्याय, भाईचारा की मूलभूत विचारों पर कार्य किया। उपप्रधानाचार्य गणेश प्रसाद ने कहा कि बाबा साहब को सच्ची श्रद्धंजलि गरीब बच्चों को शिक्षित कर दे सकते हैं। कार्यक्रम में सुमनकांत, अरूण कुमार, वंशराज, रामविलास, मनोज कुमार, विनोद, अशोक, रामकृत, मोतीलाल, धर्मेंद्र, राजू, रामदयाल, संजय, राजलक्ष्मी, रामजनम, सरोज, पे्रमशंकर, शिवानन्द गौतम, अजय, मिथिलेश आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता केपी राम और संचालन महेंद्र कुमार ने किया।

 

डा. अम्बेडकर को दी गयी श्रद्धाजंलि

चकिया। डा. भीमराव अम्बेडकर के 62वें परिनिर्वाण दिवस पर बुधवार को चकिया सिंचाई कालोनी परिसर में स्थित जिलेदारी द्वितीय में श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें डा. अम्बेडकर को भावभींनी श्रद्धाजंलि अर्पित की गयी। इस अवसर पर जिलेदार रविशंकर, जिलेदार हीरालाल, अशोक कुमार, गुलाबचन्द्र, गनेश प्रसाद, पन्नालाल, धीरेन्द्र तिवारी, प्रभाकर, वीरेन्द्र, बनारसी, लालबहादुर, श्यामलाल, शीला, निर्मला, कृष्णानन्द, श्यामजी सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।

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