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लखनऊ: राहुल गांधी के अध्यक्ष बनते ही प्रदेश के कांग्रेसियों में बदलाव के बयार

लखनऊ। राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने की घोषणा के साथ ही अब प्रदेश भर में कांग्रेसियों को बड़े बदलाव की उम्मीद है। लगभग दो दशक तक सोनिया के हाथ में कांग्रेस की कमान रही और पार्टी ने इस बीच ज्यादातर वक्त बुलन्दियों पर बिताया। लेकिन राहुल गांधी को विरासत में कांटों का ताज मिला है। राहुल गांधी को देश भर में कांग्रेस को फिर मज़बूती देनी होगी. उत्तर प्रदेश राहुल के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। क्योंकि यहीं अमेठी और रायबरेली में लगभग सात दशक से कांग्रेस के किले को मज़बूती मिली. यूपी में अपने गढ़ को बचाना और बीजेपी सरकार के वर्चस्व के बीच एक बार फिर पार्टी के संख्याबल और मनोबल दोनों को बढ़ाने के लिए राहुल को ठोस रणनीति बनानी होगी। माना जा रहा है कि राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने से यूपी में कांग्रेस के युवा चेहरों को नई ज़िम्मेदारियां मिलेंगी. कांग्रेस कमेटी में कई बड़े फेरबदल भी होंगे. जिनमें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को बदलना सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि राज बब्बर ने यूपी विधान सभा चुनाव में हार की ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन उनका इस्तीफा मंज़ूर नहीं हुआ। अब माना जा रहा है कि राहुल गांधी प्रदेश कांग्रेस में युवा नेताओं की टीम तैयार करेंगे और अध्यक्ष भी किसी युवा नेता को ही बनाया जाएगा. कयास है कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को भी ये ज़िम्मेदारी सौंपी जा सकती है। फिलहाल पार्टी में अभी कोई इस बदलाव पर बोलना नहीं चाहता, यूपी के कुछ युवा नेता मानते हैं कि राहुल के अध्यक्ष बनने से उन्हें नई ज़िम्मेदारियां मिलेंगीं। इनमें विधायक आराधना मिश्रा, अमेठी के कांग्रेस नेता और एमएलसी दीपक सिंह जैसे कई युवा चेहरे हैं। इन नेताओं के साथ ही कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं का भी मानना है कि उन्हें भी राहुल गांधी के नेतृत्व में कुछ कर दिखाने का मौका मिलेगा।

 

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One comment

  1. नशीब काँग्रेसचे…

    काँग्रेस अध्यक्षपदासाठी इ.वी.एम. मशीन वापरली नाही.

    नाहीतर आज अमित शहाच काँग्रेसचे अध्यक्ष झाले असते. 😜😝