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पूर्वांचल विश्व विद्यालय 21वां दीक्षांत समारोह: असफलता पर आत्मचिंतन करके प्राप्त किया जा सकता है लक्ष्य- राज्यपाल

जौनपुर। महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश राम नाइक जी स्टेट हेलीकाप्टर द्वारा हेलीपैड वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर पहुचें। तदोपरान्त गार्ड आफ आनर पुलिस के जवानों के द्वारा दिया गया। वीर बहादुर सिंह एंव महात्मा गांधी के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। महतं अवैद्यनाथ संगोष्ठी हाल में परिधान ग्रहण कर शैक्षिक यात्रा के साथ मंच पर पहुचें। सबसे पहले राष्ट्रगीत विश्वविद्यालय बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया। महामहिम कुलाधिपति मुख्य अतिथि एवं मानध उपाधि से सम्मानित होने वाले अतिथियों द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलित कर सरस्वती के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलगीत की प्रस्तुति की गयी। कुलाधिपति की अनुमति से दीक्षांत समारोह के शुभारम्भ की घोषणा की गयी। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 21 वें दीक्षांत समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में किया गया। दीक्षांत समारोह में प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति राम नाईक जी ने प्रथम प्रयास में स्नातक एवं स्नातकोत्तर में सर्वोच्च अंक पाने पर 57 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किया। इसके साथ ही दिव्य सेवा मिशन हरिद्वार के अध्यक्ष आशीष गौतम को डी.लिट् की मानद उपाधि से विभूषित किया।  इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बाबा साहेब भोसले के अनुपस्थिति में उन्हें डी. लॉज  की मानद उपाधि प्रदान की गई। दीक्षांत समारोह में 228 पी.एच-डी. धारकों को उपाधि एवं राजनीति शास्त्र विषय में डॉ. सुरेश कुमार सिंह को डी.लिट् की उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक पद्म भूषण प्रोफेसर श्रीकृष्ण जोशी ने कहा कि आज गोल्ड मेडल और उच्च शिक्षा पाने वाले विद्यार्थी बहुत सौभाग्यशाली हैं क्योंकि हमारा भारत आज वाणिज्य और आर्थिक क्षेत्र में विश्व के शक्तिशाली देशों में शामिल है हमें युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल देश को समृद्धशाली बनाने में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देश चैथी औद्योगिक क्रांति की ओर बढ़ रहा है इसके लिए हमें अपने कार्य शैली जीवन शैली समेत अन्य पहलुओं में भी बदलाव लाने की जरूरत है। उन्होंने इस बात पर चिंता जाहिर की कि 65 प्रतिशत बच्चे प्राइमरी के बाद ही अपनी शिक्षा बंद कर अन्य रोजगार में लग जाते हैं। उनका मानना है कि चैथी औद्योगिक क्रांति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि बिग डाटा एनालिसिस के कारण निर्णय लेने की क्षमता व गुणवत्ता दोनों बढ़ेगी नए उत्पाद न्यूनतम दरों पर उपलब्ध होंगे। इस बिग डाटा के विशिष्ट ज्ञान के क्षेत्र में गूगल माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, अमेजन, फेसबुक एवं अन्य कंपनियां काफी प्रचुर मात्रा में निवेश कर रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि इस टेक्नोलॉजी द्वारा प्रत्येक नागरिक में सेवाओं सूचनाओं को प्राप्त करने उनका सशक्तिकरण किया जाएगा डिजिटल इंडिया मिशन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इस माध्यम से देश में सुरक्षित एवं संरक्षित स्थाई डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जा सकता है.अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीराम नाईक ने कहा कि 22 जनवरी को सरस्वती दिवस के अतिरिक्त महान कवि निराला का भी जन्मदिन है। समाजिक क्षे़त्रों में कृषि कार्य करने वाले को सम्मानित किया गया है। हमारे भीतर कुष्ठ पीड़ितों के लिए हीन भावना नही होनी चाहिए। जौनपुर एक प्रेरणा देने वाला जिला है। शैक्षणिक सत्र नियमित करने के लिए कुलपति तथा पूरे स्टाप को बधाई दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गोल्ड मेडल पाने वाले विद्यार्थियों के लिए यह खुशी का दिन है जो विद्यार्थी इस प्रतिस्पर्धा में छूट गए हैं, उन्हें हिम्मत रखकर चुनौती को स्वीकार करना चाहिए। साथ ही असफलता का आत्म निरीक्षण करना चाहिए ऐसा करने वाला विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश के लिए युवक सबसे बड़ी पूंजी है, इसका सही दिशा में उपयोग होना चाहिए।उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर इसका उत्तर प्रदेश में 28 विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के प्रवेश के प्रतिशत का जिक्र करते हुए कहा कि छात्राएं, छात्रों से परीक्षा पढ़ाई में अत्यधिक आगे हैं और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में तो छात्राएं 67 प्रतिशत और 33 प्रतिशत छात्र अध्ययन कर रहे हैं। सभी विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह समय पर होने से ऐसा लग रहा है कि प्रदेश में शिक्षा की गाड़ी पटरी पर आ रही है। श्री नाईक ने कहा कि अगले सत्र में 31 अक्टूबर तक दीक्षांत समारोह कराने की कोशिश की जाएगी। 12 फरवरी को लखनऊ में कुलपतियों की बैठक में दीक्षांत समारोह की समय सीमा को निश्चित किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को नसीहत देते हुए कहा कि आज दीक्षांत समारोह में जो प्रतिज्ञा कि उसे वह अपने जीवन में  गंभीरता से अमल करें और सदैव अपने माता- पिता और गुरुजनों का सम्मान करें। उन्होंने 1 जुलाई 2018 को 18 वर्ष पूरे करने वाले युवाओं को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का सुझाव दिया। साथ ही 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जाने की जानकारी दी उन्होंने कहा कि इस दिन 24000 करोड़ की लागत से 40 परियोजनाओं को शुरू किया जाएगा। कुलपति प्रो डॉ. राजा राम यादव ने अपने सम्बोधन में सभी उपाधि तथा स्वर्णपदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि अपने अनवरत परिश्रम के बल पर ज्ञान अर्जन कर जीवन का एक अहम पड़ाव पार किया है। ज्ञान का नवसृजन इस पीढ़ी को निरन्तर नई दिशा की ओर अग्रसर करता रहेगा। प्रिय विद्यार्थियों आज आपने स्नातक, परास्नातक एवं पी-एच0डी0 की उपाधि को अर्जित कर अपने गुरूजनों, अभिभावकों एवं विश्वविद्यालय का सम्मान बढ़ाया है। हमारा प्रयास है कि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रदेश ही नहीं, देश के समस्त विश्वविद्यालयों की पंक्ति में सच्चे अर्थों में प्रमुख स्थान प्राप्त करे। उन्होंने अपने सम्बोधन में वर्तमान सत्र की  विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को भी गिनाया। संचालन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र ने किया।इस अवसर पर न्यायमूर्ति इलाहाबाद उच्च न्यायालय दिनेश सिंह, प्रो. विलास ए तभाने, प्रो. बी.बी. तिवारी, प्रो. रंजना प्रकाश, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. बी.डी. शर्मा, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. देवेश उपाध्याय, डॉ. समर बहादुर सिंह, डॉ. विनोद सिंह, डॉ. विजय सिह, डॉ. वीरेन्द्र विक्रम यादव, डॉ. राकेश यादव, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अवध बिहारी, डॉ. विजय प्रताप तिवारी, डॉ. अनुराग मिश्र, सुरेन्द्र त्रिपाठी, डॉ. के.एस. तोमर, अमलदार यादव, डॉ. संजय श्रीवास्तव, सुशील प्रजापति, डॉ. पी.के. सिंह कौशिक, डॉ. राजेश जैन सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 21 वें दीक्षांत समारोह में गतिमान वार्षिक पत्रिका के पांचवें अंक को वितरित किया गया। विश्वद्यालय के इस पत्रिका में विश्वविद्यालय के एक वर्ष की गतिविधियों, स्वर्ण पदक धारकों  की सूची, अतिथियों का परिचय समेत तमाम जानकारियां बड़े आकर्षण ढंग से प्रकाशित की गयी है। पत्रिका के सम्पादन मण्डल में डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. के.एस. तोमर, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर एवं डॉ. पुनीत धवन शामिल है। कुलपति प्रो. डॉ. राजाराम यादव ने श्री राज्यपाल का स्वागत हेलीपैड पर पुष्पगुच्छ देकर किया।  संगोष्ठी भवन परिसर में प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक द्वारा नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान एवं वैकल्पिक ऊर्जा शोध संस्थान का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर कुलसचिव संजीव सिंह व वित्त अधिकारी एम.के. सिंह ने बुके देकर राज्यपाल का स्वागत किया।

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