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लखनऊ विश्वविद्यालय में अब शिक्षको व कर्मचारियो की लगेगी बायोमेट्रिक हाजिरी, बोले कुलपति जेपी सैनी- लापरवाही पर होगी सख्‍त कार्यवाही  

लखनऊ!  लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में कार्यबल की कार्यकुशलता, अनुशासन और समयबद्धता को सुनिश्चित करने के लिए एक अत्यंत बड़ा और कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, कार्यालयों और छात्रावासों में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा निर्धारित कार्यालय समय का अनुपालन न करने तथा लगातार हो रही लेटलतीफी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कुलसचिव कार्यालय द्वारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

कार्यालय आदेश (संख्या: R/855/2026) के मुख्य बिंदु व नियम:

अर्द्ध अवकाश (Half Leave) का प्रावधान: प्रायः यह देखा गया है कि कर्मचारी निर्धारित कार्यालय समय का अनुपालन न करते हुए विलम्ब से आते हैं एवं समय से पूर्व कार्यालय छोड़कर चले जाते हैं। नए आदेश के अनुसार, निर्धारित समय से 15 मिनट विलम्ब से आने अथवा निर्धारित समय से 15 मिनट पहले कार्यालय छोड़े जाने पर संबंधित कर्मचारी का एक अर्द्ध अवकाश (Half Leave) माना जाएगा।अनुशासनात्मक कार्रवाई और अवकाश कटौती: यदि कोई कर्मचारी एक माह में अधिकतम 02 बार कार्यालय विलम्ब से आता है अथवा समय से पहले जाता है, तो उसके विरुद्ध दंडात्मक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक 02 बार देर से आने अथवा समय से पूर्व जाने पर संबंधित कर्मचारी के खाते से एक दिवस का आकस्मिक (Casual) या अर्जित (Earned) अवकाश काट लिया जाएगा।कड़ाई से अनुपालन का निर्देश: कुलपति के आदेश के अनुपालन में समस्त संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, समन्वयक, निदेशक और इंचार्ज को उक्त आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। सभी विभागाध्यक्षों को व्यक्तिगत रूप से स्वयं के स्तर से इसका परीक्षण कर आकस्मिक/अर्जित अवकाश का समायोजन करते हुए कुलसचिव को सूचित करना होगा।बायोमेट्रिक मशीन की मॉनिटरिंग: कंप्यूटर सेंटर के इंचार्ज को निर्देशित किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय से 15 मिनट विलम्ब से आता है या 15 मिनट पहले जाता है, तो बायोमेट्रिक मशीन में उसकी उपस्थिति दर्ज न हो। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

विगत 3 माह का बायोमेट्रिक डेटा तलब (आदेश संख्या: R/856/2026):

 

सुरक्षा और पारदर्शिता को और मजबूत करते हुए कुलसचिव कार्यालय ने समस्त संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, निदेशकों, प्रभारियों और छात्रावासों के अधीक्षकों से उनके यहाँ कार्यरत समस्त कर्मचारियों की विगत 3 माह (माह अप्रैल, 2026 से माह जून, 2026 तक) की बायोमेट्रिक उपस्थिति का पूरा विवरण माँगा है। यह समस्त डेटा 02 कार्य दिवसों के भीतर अनिवार्य रूप से कुलपति कार्यालय में उपलब्ध कराने का कष्ट करने को कहा गया है।

कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी का संदेश:

“लखनऊ विश्वविद्यालय अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ एक अनुशासित प्रशासनिक व्यवस्था के लिए भी प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय परिसर के सुचारू संचालन में प्रत्येक कर्मचारी की समयबद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। लापरवाही या लेटलतीफी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बायोमेट्रिक प्रणाली और इन कड़े नियमों के माध्यम से हम परिसर में शत-प्रतिशत पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करेंगे।” यह दोनों कड़े आदेश समस्त प्रशासनिक अधिकारियों, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक, कुलानुशासक, मुख्य अभिरक्षक तथा वेबसाइट इंचार्ज को आवश्यक कार्यवाही एवं सभी स्टाफ को ई-मेल के माध्यम से प्रस्तुत करने हेतु प्रेषित कर दिए गए हैं।

 

 

 

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