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गाजीपुर: आचार, चाट, मिठाई दुकान के लिए मिलेगा वित्‍तीय सहायता

गाजीपुर। उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र लोकेन्द्र कुमार ने बताया है कि एक जनपद एक व्यंजन वित्त पोषण हेतु सहायता योजना (व्क्व्ब्) के अंतर्गत जनपद गाजीपुर के लिए चयनित उत्पाद- मिर्च का आचार, मटर चाट, रसगुल्ला, जलेबी के उद्योग, सेवा तथा व्यवसाय से जुड़े सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढ़ाबे, मिठाई की दुकान, चयनित उत्पाद बनाने की संस्थाएं एवं नवीन उद्यमी इस वित्त पोषण योजना के अंतर्गत अपने कार्य को प्रारम्भ करने हेतु अथवा विस्तारीकरण हेतु प्रोजेक्ट वित्त पोषण का लाभ ले सकते हैं। योजनान्तर्गत वित्त पोषण हेतु आवेदन पत्र विभागीय पोर्टल/वेबसाइट पर ऑनलाइन ही प्राप्त किए जाएंगे जिसका पता https:/msme.up.gov.in  है। पात्रता की शर्ते- आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए, किसी भी प्रकार की शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है, आवेदक द्वारा भारत सरकार या उ0प्र0 सरकार द्वारा संचालित किसी अन्य स्वरोजगार योजना का पूर्व में लाभ प्राप्त न किया गया हो, आवेदक अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य को योजनान्तर्गत केवल एक बार ही लाभान्वित किया जाएगा, आवेदक को पात्रता की शर्तों को पूर्ण किए जाने के सम्बन्ध में शपथ पत्र, विशेष श्रेणी यथा अनु0 जाति, अनु0 जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला एवं दिव्यांगजन की स्थित में सक्षम प्राधिकारी निर्गत प्रमाण पत्र होना चाहिए। वित्त पोषण/लाभ- रु. 25.00 लाख तक की परियोजना लागत पर मार्जिन मनी परियोजना लागत का 25 प्रतिशत या रु. 06.25 लाख जो भी कम हो, रु. 25.00 लाख से अधिक एवं रु. 50.00 लाख तक परियोजना लागत पर मार्जिन मनी परियोजना लागत का 10 प्रतिशत या रु. 06.25 लाख जो भी कम हो, रु. 50.00 लाख से अधिक एवं रु. 150.00 लाख तक परियोजना लागत पर मार्जिन मनी परियोजना लागत का 20 प्रतिशत या रु. 10.00 लाख जो भी कम हो, रु. 150.00 लाख से अधिक की परियोजना लागत पर मार्जिन मनी परियोजना लागत का 10 प्रतिशत या रु. 50.00 जो भी कम हो, सामान्य श्रेणी के लाभार्थीयों द्वारा परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं का अंशदान के रूप में जमा करना होगी,  विशेष श्रेणी (अनु0 जाति, अनु0 जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला एवं दिव्यांगजन) के लाभार्थीयों को परियोजना लागत का 05 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा, उद्यम  के 02 तक सफल संचालन के उपरान्त मार्जिन मनी, अनुदान के रूप में बैंक ऋण में समायोजित की जाएगी।

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