शिवकुमार
गाजीपुर। 2027 के विधानसभा का चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वैसे ही राजनीतिक दलों के थिंकटैंक अपनी-अपनी पार्टी के जीत के लिए शतरंज पर बिसात बिछा रहे हैं। गाजीपुर के सातों विधानसभा को जीतने के लिए सपा, भाजपा और बसपा में होड़ मची है कि किस विधि-विधान से सातों सीट पर कब्जा किया जाये। सातों सीटों पर यदुवंशी मतदाताओं को लेकर हर दलों में मंथन चल रहा है क्योंकि सातों विधानसभा के तीन विधानसभाओं सैदपुर, जखनियां और जंगीपुर में यादव मतदाता अपने बल पर ही विधायक बना सकता है शेष चार विधानसभा में यादव मतदाता अपने निर्णायक भूमिका में है। दो लोकसभा और एक विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद पार्टी में लगातार मंथन चल रहा है कि किस विधि से इन सीटों पर कमल का फूल खिलाया जाये। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि जबतक भाजपा यदुवंशी मतदाताओं के किले में सेंध नही लगायेगी तबतक कमल के फूल का खिलना मुश्किल दिखाई दे रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी वर्तमान में भाजपा के साथ है अगर यदुवंशियों के किले भाजपा सेंध लगायेगी तो इसका परिणाम चौकाने वाला आ सकता है। सूत्रों के अनुसार गाजीपुर सदर विधानसभा में 60 हजार यादव मतदाता, जंगीपुर में 90 हजार यादव मतदाता, जखनियां में 1 लाख 10 हजार, सैदपुर में 1 लाख 15 हजार, जमानियां में 65 हजार, मुहम्मदाबाद में 75 हजार और जहुराबाद में 65 हजार यादव मतदाता हैं। भाजपा अपने यदुवंशी नेताओं पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ, डा. विजय यादव, डा. संतोष यादव, आदि को प्रोजेक्ट कर सपा के किले को भेद सकती है।
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