गाजीपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में टेंडर में लगे दस्तावेजों की जांच कर रहे सदर कोतवाली के दो उप निरीक्षकों को डीआईजी वाराणसी ने निलंबित कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 फरवरी 2025 को खंड विकास अधिकारी नगर के तहरीर पर जिलाधिकारी के आदेश से सदर कोतवाली में एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमे टेंडर प्रक्रिया में सात फर्मो में अल्मडिना फाउंडेशन, एएस इंर्फोटेक लखनऊ, बिग्जिया मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, श्री हरिओम इंर्फोटेड इंदिरा नगर लखनऊ, पृथ्वी प्रोक्टेटिव सर्वित प्राइवेट लिमिटेड महानगर लखनऊ, यूपी इंडस्ट्रीयन काउंसलेंट्स लिमिटेड विभूति खंड लखनऊ, वनशिखा एचआर सर्विस लखनऊ ने फर्जी बैंक डिमांड ड्राफ, फर्जी कस्टमर आईडी, फर्जी खाता, एफडीआर, आदि दस्तावेज फर्जी लगाकर टेंडर प्रक्रिया में भाग लिये थे। जिसपर एसआई रोहित कुमार, एसआई जितेंद्र कुमार सदर कोतवाली ने जांच कर क्लीन चिट दे दिया। इस बात की जानकारी जब उच्च अधिकारियों को हुई तब डीआईजी वाराणसी ने इनके जांच की समीक्षा किया जिसमे तथ्यों की अनदेखी, गलत तरीके से सातों फर्मो को क्लीन चिट दिया गया। जल्दबाजी में अंतिम रिपोर्ट लगाकर विवेचना समाप्त कर दिया। समीक्षा के रिेपोर्ट के बाद डीआईजी वैभव कृष्ण ने दोनों उप निरीक्षकों को दोषी पाते हुए निलंतिबत कर दिया।
Purvanchal News जोड़े आपको पूर्वांचल से….