लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग द्वारा प्राणी विज्ञान के अध्यापकों के लिए ‘मूलभूत प्रयोगशाला तकनीकों’ पर आयोजित दो दिवसीय ‘व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला’ का उद्घाटन सत्र सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि, लखनऊ विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. शीला मिश्रा ने किया। प्राणी विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. अमिता कनौजिया ने अतिथियों तथा प्रतिभागियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्राणी विज्ञान का प्रभावी अध्यापन केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए सुदृढ़ प्रयोगशाला कौशल भी आवश्यक हैं। ये कौशल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, विश्लेषणात्मक चिंतन, शुद्धता तथा अनुसंधान क्षमता के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य महाविद्यालयों के अध्यापकों को आवश्यक प्रयोगशाला तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना, उनका तकनीकी आत्मविश्वास बढ़ाना तथा सार्थक शैक्षणिक संवाद को प्रोत्साहित करना है। आयोजन सचिव डॉ. मधु गुप्ता, डॉ. निधि द्विवेदी एवं डॉ. तृप्ति यादव ने कार्यक्रम का संचालन किया। उद्घाटन सत्र में प्रो. मनीषा बनर्जी, प्रो. शैली मलिक, प्रो. गीतांजलि मिश्रा, प्रो. आशीष कुमार, प्रो. सुचित स्वरूप, प्रो. राजेश खरवार तथा डॉ. हादिया हुसैन उपस्थित रहे। लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर, गोरखपुर तथा अन्य जनपदों के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राणी विज्ञान विभाग के अध्यापकों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता की। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य व्यावहारिक अध्यापन कौशल तथा अनुसंधानोन्मुख प्रयोगशाला विशेषज्ञता को सुदृढ़ बनाना है। दो दिवसीय कार्यशाला का सफल समापन 10 जुलाई को हुआ।
Purvanchal News जोड़े आपको पूर्वांचल से….