वाराणसी। पूर्वांचल के युवाओं को अब अपने स्टार्टअप सपनों को साकार करने के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और अशोका फाउंडेशन फॉर इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (AFIE) के बीच हुई नई साझेदारी क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अटल इन्क्यूबेशन सेंटर–महामना फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (AIC–MFIE), बीएचयू ने अशोका फाउंडेशन को अपनासैटेलाइट इन्क्यूबेशन सेंटरघोषित किया। इस अवसर पर एआईसी–एमएफआईई के निदेशक प्रो. (डॉ.) पी. वी. राजीव एवं अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के चेयरमैन इं. अंकित मौर्य ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस पहल के बाद सारनाथ स्थित अशोका इंस्टीट्यूट पूर्वांचल के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और नवोदित उद्यमियों के लिए इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, उद्योगों से नेटवर्किंग, निवेशकों तक पहुंच और व्यवसाय विकास जैसी सुविधाओं का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपने अभिनव विचारों को व्यावसायिक स्वरूप देने के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा क्षेत्र में रोजगार सृजन को भी नई गति मिलेगी। प्रो. (डॉ.) पी. वी. राजीव ने कहा कि आज विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार को उद्यम में बदलने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना भी उनकी जिम्मेदारी है। चेयरमैन अशोका इं. अंकित मौर्य और वाइस चेयरमैन डॉ अमित मौर्या ने कहा कि यह सहयोग युवाओं कोरोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वालाबनाने की दिशा में एक मजबूत पहल है, जिससे पूर्वांचल में स्टार्टअप संस्कृति को व्यापक पहचान मिलेगी। अशोका इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर डॉ. सारिका श्रीवास्तव ने बताया कि संस्थान में जल्द हीभारत इनोवेशन कॉन्क्लेवतथायू.पी.ई. सीड्सजैसे महत्वपूर्ण आयोजन किए जाएंगे। वहीं एएफआईई की डॉ. अपर्णा सिंह ने कहा कि युवाओं, महिलाओं और कार्यरत पेशेवरों के लिए 15 दिवसीय उद्योग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे, ताकि नवाचार को सफल उद्यम में बदला जा सके। इस अवसर पर एएफआईई के इ. सज्जाद अली सहित अनेक शिक्षाविद एवं उद्यमिता विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
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