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शुद्ध पेयजल के लिए लखनऊ विश्‍वविद्यालय व मर्करी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुआ समझौता

लखनऊ। शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार तथा आधुनिक तकनीकों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मर्करी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के मध्य एक समझौता (एमओयू) संपन्न हुआ। मर्करी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दुर्गेश राय ने कहा कि उनकी कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI Powered Technology) आधारित समाधानों के माध्यम से शुद्ध पेयजल के क्षेत्र में कार्य कर रही है। यह तकनीकी सहयोग एवं सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत विभिन्न जनहितकारी पहल संचालित करने की निःशुल्क सहयोग का उद्देश्य आधुनिक तकनीक का उपयोग कर समाज को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अनुसंधान, नवाचार तथा तकनीकी विकास को बढ़ावा एवं जनस्वास्थ्य देना है। श्री रॉय ने यह भी बताया कि कंपनी विगत 30 वर्षों से भारतीय मानक ब्यूरो पर कार्य करती है। कंपनी आधुनिक टेक्नोलॉजी हेतु सतत् कार्य करती आ रही है। कंपनी भारत सरकार व अन्य राज्य सरकारों के मध्य शुद्ध पेयजल के क्षेत्र में भी कार्य कर रही है। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे. पी. सैनी ने इस अवसर पर कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय के द्वितीय परिसर के लिए यह अत्यंत गौरव एवं प्रसन्नता का विषय है कि शुद्ध पेयजल जैसे जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर मर्करी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड जैसी AI आधारित तकनीकी कंपनी के साथ सहयोग स्थापित हुआ है। यह समझौता विश्वविद्यालय में शोध, नवाचार एवं तकनीकी विकास को नई दिशा प्रदान करेगा तथा विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को आधुनिक तकनीकों पर कार्य करने का अवसर उपलब्ध कराएगा। दोनों संस्थानों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी शुद्ध पेयजल, जल संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करेगी। साथ ही, यह सहयोग समाज को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक प्रभावी कदम सिद्ध होगा। विश्वविद्यालय के कार्य अधीक्षक डॉ श्यामलेश तिवारी ने बताया कि यह टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय के लिए काफी प्रभावी होगी जिससे शुद्ध पेयजल जल का संकट दूर किया जा सकेगा, और इससे हजारों लोगों को पेयजल की आपूर्ति प्राप्त होगी। यह समझौता शिक्षा, उद्योग एवं आधुनिक तकनीक के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है और भविष्य में जल सुरक्षा, सतत विकास तथा सामाजिक हित से जुड़े अनेक नवाचारों का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ भावना मिश्र एवं शिक्षक, कर्मचारी बंधुओं ने हर्ष जताया।

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