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लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति जेपी सैनी का ऐतिहासिक निर्णय

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने एक बार फिर छात्र हितों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता की मिसाल पेश की है। विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नातक प्रवेश परीक्षा 2026-27 के अंतर्गत बी.ए. (B.A.) पाठ्यक्रम की प्रवेश परीक्षा में पूछे गए आउट ऑफ सिलेबस (पाठ्यक्रम से बाहर) के प्रश्नों के मामले में कुलपति ने बड़ा और छात्र हितैषी कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय लिया है कि बी.ए. प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को गणित विषय के उन सभी 10 प्रश्नों के पूरे अंक (फुल मार्क्स) समान रूप से प्रदान किए जाएंगे।

क्या था पूरा मामला:

हाल ही में संपन्न हुई बी.ए. स्नातक प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्र में गणित विषय से संबंधित 10 सवाल पूछ लिए गए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद जब अभ्यर्थियों  द्वारा यह बात सामने लाई गई कि विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व निर्धारित और प्रदान किए गए आधिकारिक सिलेबस (पाठ्यक्रम) में गणित विषय का कहीं कोई उल्लेख नहीं था, तो छात्रों में इसे लेकर काफी असमंजस और चिंता की स्थिति बन गई थी। गैर-गणित पृष्ठभूमि (विशेषकर आर्ट्स और ह्यूमेनिटीज) के छात्रों को लग रहा था कि इन अनपेक्षित 10 प्रश्नों के कारण उनकी मेरिट पर विपरीत असर पड़ेगा और वे प्रवेश की दौड़ में पिछड़ सकते हैं।

कुलपति का त्वरित संज्ञान और राहत:

जैसे ही यह मामला कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी के संज्ञान में आया, उन्होंने बिना किसी देरी के छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए इस पर त्वरित निर्णय लिया। कुलपति ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर हुई गलती का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना पड़ेगा। उन्होंने पारदर्शी मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए गणित के सभी प्रश्नों के अंक सभी अभ्यर्थियों को बोनस के रूप में देने के निर्देश जारी कर दिए। कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने कहा कि “लखनऊ विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है। प्रवेश परीक्षा में पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न आना एक तकनीकी त्रुटि थी, जिसका संज्ञान लेते हुए हमने छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए यह बड़ा निर्णय लिया है। किसी भी अभ्यर्थी के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष व पारदर्शी रहेगी।” विश्वविद्यालय प्रशासन के इस त्वरित और ऐतिहासिक फैसले से बी.ए. प्रवेश परीक्षा में बैठे हजारों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों ने बड़ी राहत की सांस ली है। प्रवेश समन्वयक प्रो अनित्य गौरव  ने बताया कि कुलपति जी के आदेशानुसार परीक्षा के परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में इस संशोधन को तत्काल प्रभावी कर दिया गया है, ताकि मेरिट सूची पूरी तरह निष्पक्ष और त्रुटिहीन बने।

 

 

 

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