लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के 69वें दीक्षांत समारोह के शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल जी के प्रेरणादायी मार्गदर्शन में ‘दीक्षोत्सव-2026’ का भव्य शुभारंभ गुरुवार को मालवीय हॉल में अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी ने दीक्षोत्सव-2026 के शुभारंभ की आधिकारिक घोषणा करते हुए सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि—महामहिम ने दीक्षांत सप्ताह को ‘दीक्षोत्सव’ नाम बहुत ही सुंदर दिया है। उद्घाटन सत्र में इतने अधिक छात्र-छात्राओं की उपस्थिति देखकर हम सभी अत्यंत प्रसन्न हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि छात्र उद्घाटन को मात्र एक औपचारिकता न समझते हुए बहुत मनोयोग और उत्साह के साथ उपस्थित हुए हैं।”
कुलपति महोदय ने छात्र-केन्द्रित गतिविधियों पर जोर देते हुए आगे कहा कि— “मेरा मानना है कि ऐसी निबंध प्रतियोगिताएं निरंतर होती रहनी चाहिए। भविष्य में इसका विषय ‘मेरा रोल मॉडल कौन सा शिक्षक है’ जैसा भी रखा जा सकता है। ऐसे निबंधों से हमें छात्रों की अपेक्षाओं को समझने में मदद मिलेगी तथा ‘बेस्ट टीचर अवार्ड’ देने में भी सहूलियत रहेगी।”
कार्यक्रम की शुरुआत में निदेशक सांस्कृतिकी प्रोफेसर अंचल श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का अभिनंदन किया। मुख्य छात्र समन्वयक मिश्रा ने बताया कि 23 जुलाई से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस 8-दिवसीय दीक्षोत्सव में अंतर-महाविद्यालयी स्तर पर कुल 13 प्रतियोगिताओं के साथ-साथ विविध सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन तय किया गया है।
दीक्षोत्सव के पहले दिन अंतर-महाविद्यालयी स्तर की चार प्रमुख प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया:
- निबंध लेखन प्रतियोगिता: प्रतियोगिता का विषय “भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था कैसे बना”, “भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण कार्य” अथवा “उत्तर प्रदेश शासन का एक महत्वपूर्ण कार्य” रखा गया था। इसमें मनीषा जोशी, नंदिता मिश्रा, रुचिता दीक्षित, स्वप्निल सिंह, खुशी, अंबिका सिंह, अंशुमान शिवम सिंह, आइवम, कवलजीत कौर वालिया, मुस्कान सिंह, प्रियंका, निखिल वर्मा, रजनेश तिवारी, तनिष्का सिंह, शिवांश शर्मा, पूजा यादव, अदिति यादव शुक्ला, विदुषी, किरण कुमारी, आयुषी सिंह, हर्षित सिंह, अंजलि प्रजापति, शर्ष्णवी शुक्ला, अश्वनी मिश्रा, अप्रजिता सिंह, वैष्णवी त्रिपाठी, उदय सिंह राजपूत, जुगल किशोर पांडे, पलक श्रीवास्तव, हर्ष मिश्रा, मेघा सिंह, देवांशी सिंह, कात्यायनी सिंह, आकाश कुमार प्रजापति, दिया सिंह, बविता वर्मा, ज्योति सिंह, गार्वेश सिंह, अद्विका सिंह, अनमोल खान, अनमोल तिवारी, आनंद राज, बुशरा हसीन, फरहाना अली, संध्या शर्मा, दिव्यांश बथरी, अभिनव मौर्य, नूतन गिरी, अदिति वर्मा, मुस्कान पांडे, नंदिनी सिंह, मानवी रावत, भव्या चौबे आदि ने प्रतिभाग किया।
- देशभक्ति गायन प्रतियोगिता: सर्वज्ञ शाह, अशरफ ज़मीर अहमद, प्रांजलि गोयल, अनुष्का शर्मा, नेहा, हर्षित शर्मा, शुभंकित, कृतिका गौतम, हिमांशु, शिवांश सोनकर, कवलजीत कौर वालिया, पलक पांडे, सिद्धार्थ तिवारी, अंकित मौर्य, रिचा दुबे, रजनीश तिवारी, रिचांश वर्मा, अयान खान आदि ने सुरमयी प्रस्तुतियां देकर देशभक्ति का माहौल बना दिया।
- पारंपरिक परिधान उत्सव (भारतीय परिधान फैशन शो): इसमें आकांक्षा यादव, बबली, सोनम सिंह, आकांक्षा सिंह, अमितेश, श्रिष्टि गरिमा, गीतांजलि, सविता कनौजिया, मान्या सत्यार्थी, मोहिनी सिंह, प्रिया गौतम, अनन्या श्रीवास्तव, अस्तुति सिंह यादव, प्रियांशी गौतम, भव्या चौबे आदि ने भारतीय संस्कृति व परिधानों की सुंदरता को रैंप पर प्रदर्शित किया।
- वादन प्रतियोगिता: आवेश तिवारी, यश नारायण, रितेश आहूजा, गौरव नारायण समेत कई छात्र-छात्राओं ने अपनी सुरीली वादन कला का प्रदर्शन किया।
विशेष आकर्षण: रंगोली व प्राचीन दुर्लभ पुस्तकों की प्रदर्शनी
कार्यक्रम के दौरान माननीय कुलपति जी ने छात्रों द्वारा बनाई गई आकर्षक रंगोली की भूरि-भूरि सराहना की और विद्यार्थियों के साथ खड़े होकर समूह चित्र (ग्रुप फोटो) भी खिंचवाया। इसके साथ ही ‘चंबल आर्काइव्स न्यास’ द्वारा लगाई गई दुर्लभ एवं प्राचीन पुस्तकों की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसे कुलपति महोदय ने बहुत ध्यानपूर्वक देखा। प्रदर्शनी में रामायण की एक ऐसी ऐतिहासिक व दुर्लभ प्रति भी प्रदर्शित की गई थी जिसमें श्री राम जी सहित चारों भाइयों की कुंडली अंकित थी—जिसकी अन्य कोई प्रति पूरे भारतवर्ष में उपलब्ध नहीं है।
निर्णायक मंडल एवं परिणाम
प्रथम दिवस की प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष मूल्यांकन हेतु गठित निर्णायक मंडल में प्रोफेसर अनिल मिश्रा, प्रोफेसर रोली मिश्रा, डॉक्टर गरिमा सिंह, डॉ. बबिता जायसवाल एवं डॉ. सिद्धार्थ राय उपस्थित रहे। प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा दीक्षोत्सव के समापन दिवस (30 जुलाई) को की जाएगी।
गरिमामयी उपस्थिति एवं समापन
नया सत्र शुरू होने और छात्रावासों के पूरी तरह न भरने के बावजूद विद्यार्थियों की भारी उपस्थिति से मालवीय हॉल खचाखच भरा रहा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अरविंद मोहन, अधिष्ठाता छात्र कल्याण (DSW) प्रो. अमिता कनौजिया सहित कई वरिष्ठ प्रोफेसरगण, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के ससम्मान गायन के साथ दीक्षोत्सव के प्रथम दिवस के कार्यक्रमों के समापन की घोषणा की गई।

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