वाराणसी। दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र, राजीव गांधी दक्षिणी परिसर, काशी हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा अप्लाइड टेक्नोलॉजी रिसर्च इंस्टिट्यूट फार सोशल इम्पैक्ट तथा टेक् ब्रेन के सहयोग से व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए “एआई करियर पावर वर्कशॉप” का आयोजन 14 अगस्त 2026 को सेमिनार हॉल, न्यू एलटी, आरजीएससी, बीएचयू में किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से परिचित कराना था। इसमें विद्यार्थियों को सीखने, शोध, रचनात्मकता, संचार, रोजगारपरक कौशल तथा करियर विकास में एआई के प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला का उद्घाटन परिसर के आचार्य प्रभारी प्रो. बी एम. एन कुमार, समन्वयक, डीडीयू कौशल केंद्र, कला संकाय, डॉo आर. एस. मिश्रा और मुख्य अतिथि ऋषि उपाध्याय ने महामना पंo मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर पुष्पार्चन और समक्ष द्वीप प्रज्वलन कर के कियाl मुख्य प्रशिक्षक ऋषि उपाध्याय जो कि पिछले एक दशक से अधिक के पेशेवर अनुभव वाले आईटी उद्योग विशेषज्ञ, एवं सह-प्रशिक्षक सुश्री संचालि ने एआई टूल्स का व्यावहारिक एवं हैंड्स-ऑन प्रदर्शन कियाl शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उनके उपयोग की जानकारी दी गई। “ नो कोडिंग बस एआई का स्मार्ट इस्तेमाल।” की थीम पर आधारित इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न व्यावसायिक विषयों के विद्यार्थियों के लिए एआई को सरल, व्यावहारिक एवं उपयोगी बनाना था। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को स्मार्ट लर्निंग एवं रिसर्च, रिज्यूमे एवं प्रोफेशनल पोर्टफोलियो तैयार करने, प्रेजेंटेशन बनाने, प्रभावी संचार, साक्षात्कार की तैयारी, करियर प्लानिंग तथा एआई-सक्षम पेशेवर दृष्टिकोण विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का मूल मंत्र “सीखें, लागू करें और आगे बढ़ें” पर केंद्रित रहा। विद्यार्थियों को 90- दिवस एआई करिअर चैलेंज के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसमें कार्यशाला के बाद एआई कौशल के निरंतर अभ्यास और उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए व्यावहारिक असाइनमेंट शामिल हैं। प्रतिभागियों को एआई एक्सप्लोरर, एआई प्रैक्टिशनर, एआई करियर रेडी और एआई चैंपियन जैसी उपलब्धि श्रेणियों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर समन्वयक समन्वयक, डीडीयू कौशल केंद्र, डॉ. आर. एस. मिश्रा ने शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में एआई साक्षरता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते डिजिटल कार्यक्षेत्र में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी कौशल से सुसज्जित करना आवश्यक है, ताकि वे अपनी सीखने की क्षमता, उत्पादकता, रचनात्मकता और रोजगारपरक क्षमता को और अधिक प्रभावी बना सकें। कार्यशाला का समापन विद्यार्थियों को निरंतर सीखने तथा शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं करियर संबंधी गतिविधियों में एआई कौशल के प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित करने के संदेश के साथ हुआl कार्यक्रम का संचालन श्रेया और धन्यवाद ज्ञापन यश ने कियाl इस अवसर पर डीडीयू कौशल केंद्र के सभी शिक्षक , और समस्त विद्यार्थी उपस्थि तरहे।
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