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प्रयागराज के कौस्तुभ श्रीवास्तव ने रचा इतिहास, पहले प्रयास में CAPF में हासिल की 34वीं ऑल इंडिया रैंक

प्रयागराज। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) परीक्षा के परिणाम में प्रयागराज निवासी कौस्तुभ श्रीवास्तव ने अपने पहले ही प्रयास में 34वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल कर परिवार, प्रयागराज और गाजीपुर का नाम रोशन किया है। कौस्तुभ की इस सफलता की खास बात यह है कि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा लिए बिना अपने माता-पिता के मार्गदर्शन और स्वयं की कड़ी मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।कौस्तुभ की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 12वीं की पढ़ाई के दौरान उन्होंने NDA परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-10 हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने IIT मंडी से B.Tech की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के बाद उनके सामने निजी क्षेत्र में शानदार करियर का विकल्प भी था और उन्हें एक निजी कंपनी में करीब 32 लाख रुपये सालाना पैकेज मिला था, लेकिन कौस्तुभ ने आकर्षक कॉरपोरेट करियर को छोड़कर देशसेवा का रास्ता चुना।बताया जाता है कि कौस्तुभ को आर्मी में लेफ्टिनेंट के पद पर जाने का अवसर भी मिला था, लेकिन अपनी माता की इच्छा और परिवार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने उस राह पर आगे न बढ़कर CAPF की तैयारी का निर्णय लिया। उनके इस निर्णय ने साबित किया कि उनके लिए केवल नौकरी या वेतन महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि देश की सेवा और अपने लक्ष्य को हासिल करना अधिक महत्वपूर्ण है।कौस्तुभ ने अपनी तैयारी का एक महत्वपूर्ण समय गाजीपुर में अपने पिता के साथ रहकर बिताया। लगभग एक वर्ष तक गाजीपुर में रहते हुए उन्होंने पूरी लगन और अनुशासन के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की। शहर के सामान्य माहौल में रहकर, सीमित संसाधनों के बीच लगातार अध्ययन करते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।उनके परिवार का संबंध गाजीपुर से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके पिता संजय कुमार श्रीवास्तव मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, गाजीपुर में सहायक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता सीमा श्रीवास्तव गृहणी हैं। परिवार के लिए यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि साधारण पारिवारिक परिवेश से निकलकर दोनों बेटों ने राष्ट्रीय स्तर की कठिन प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।कौस्तुभ के नाना स्व. महादेव लाल और नानी श्रीमती भगवती देवी हैं। परिवार का निवास गाजीपुर में रोडवेज बस स्टैंड के बगल में माल गोदाम रोड पर है।कौस्तुभ की सफलता की खुशी के बीच परिवार के लिए एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। उनके छोटे भाई स्निग्ध श्रीवास्तव ने भी NEET-UG 2026 में शीर्ष रैंक हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया है। स्निग्ध जल्द ही MBBS में प्रवेश के लिए काउंसलिंग में शामिल होंगे और परिवार के पहले डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।एक ही परिवार के दो बेटों का देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार शानदार प्रदर्शन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।माता-पिता के मार्गदर्शन को दिया सफलता का श्रेयकौस्तुभ और स्निग्ध के पिता संजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों की सफलता उनके लिए केवल व्यक्तिगत खुशी का विषय नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और संस्कारों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि दोनों बेटों ने अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में निरंतर मेहनत की तथा परिवार ने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया।कौस्तुभ की उपलब्धि इसलिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने NDA में AIR-10, IIT मंडी से B.Tech, 32 लाख रुपये के निजी क्षेत्र के पैकेज को छोड़कर देशसेवा का निर्णय और अब पहले प्रयास में CAPF में AIR-34 हासिल कर अपनी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है।कौस्तुभ की इस सफलता से परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। परिवार को उम्मीद है कि दोनों बेटे अपने-अपने क्षेत्र में आगे बढ़कर समाज और देश की सेवा करेंगे।

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