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गाजीपुर: जनकल्‍याणकारी योजनाओ का लाभ लें स्‍वयं सहायता समूहों की महिलाएं- मुख्‍य विकास अधिकारी  

गाजीपुर! जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देशन में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न लाभकारी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन विकास खंड बिरनो और मरदह में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को योजनाओं की जानकारी प्रदान करते हुए उन्हें योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यशाला में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार, आजीविका संवर्धन, वित्तीय समावेशन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों एवं विभागीय प्रतिनिधियों द्वारा महिलाओं को उनके लिए संचालित योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। महिलाओं से अपील की गई कि वे स्वयं योजनाओं का लाभ लेने के साथ-साथ अपने गांव एवं आसपास की अन्य पात्र महिलाओं को भी इन योजनाओं के प्रति जागरूक करें।मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं सामूहिक रूप से आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय में वृद्धि कर सकती हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र समूह सदस्यों को विभिन्न विभागों की योजनाओं से जोड़ने के लिए समन्वय के साथ कार्य किया जाए तथा योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की कठिनाई न होने पाए।कार्यक्रम के उपरांत परिसर में लगाए गए विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा हस्त निर्मित उत्पादों के प्रदर्शनी स्टॉलों का मुख्य विकास अधिकारी ने अवलोकन किया। उन्होंने स्टॉलों पर प्रदर्शित उत्पादों, महिला समूहों द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों तथा स्थानीय स्तर पर तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्य, उत्पादन, बिक्री एवं आय के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा बेहतर पैकेजिंग, गुणवत्ता एवं बाजार उपलब्धता के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए।कार्यशाला में उपस्थित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने विभिन्न योजनाओं एवं स्वरोजगार के अवसरों से संबंधित जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना रहा। इस दौरान बैंक प्रबंधकों के साथ बैठक आयोजित कर समूहों हेतु नए लोन की स्वीकृति की समीक्षा की गई। वर्तमान में स्वयं सहायता समूह से जोड़ने हेतु युद्ध स्तर पर कार्यवाही चल रही है विकासखंड अंतर्गत कई परिवारों को समूह से जोड़ा भी गया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को वेइंग मशीन भी वितरित की गई!

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