गाजीपुर। कलयुगी मां द्वारा अपने तीन बच्चो को जहर देकर जान से मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह ने आरोपी महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार का अर्थदण्ड लगाया। न्यायाधीश शक्ति सिंह ने अपने फैसले में उल्लेख किया कि भारतीय समाज में मां का स्थान ईश्वर के समान माना गया है, बच्चे अपने पूरे परिवार में यदि किसी से ज्यादा भरोसा, विश्वास और सुरक्षा का अनुभव करते है तो वह है उनकी मां, उसके सापेक्ष आरोपी सुनीता देवी ने अपने तीनो बच्चो को नौ माह तक गर्भ में रखा, जन्म दिया। क्रुरता के साथ बच्चो को जहर देकर जान ले ली। यह घटना निश्चित तौर पर मां और बच्चो के रिश्ते बल्कि मानव सभ्यता को शर्मसार करने वाली है। अपर जिला सहायक अधिवक्ता एडवोकेट अखिलेश सिंह ने बताया कि 15 अगस्त 2022 को सुनीता देवी अपने मायके ढढनी भानमल राय में अपने लड़के हिमांशु, प्रियांशु व लड़की सुप्रिया को चाय में जहर मिलाकर पिला दिया। जिससे मौके पर हिमांशु, प्रियांशु की मौत हो गयी और लड़की सु्प्रिया की इलाज के दौरान वाराणसी में मौत हो गयी। इस घटना की रिपोर्ट थाना सुहवल में मृतको के चाचा बल्लू यादव निवासी साइतबान रेवतीपुर ने दर्ज करायी। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट धारा 302 में दर्ज कर मामले की छानबीन कर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया। इस मुकदमे में कुल सात गवाह परिक्षित कराये गये, अपर सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह ने दोनो पक्षो के अधिवक्ताओ के बहस सुनने के बाद आरोपी सुनीता सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार का अर्थदण्ड लगाया।
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