गाजीपुर। अक्टूबर क्रांति की 109वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला कार्यालय भारद्वाज भवन, लंका स्थित सरजू पांडेय सभागार में शनिवार को शमीम अहमद की अध्यक्षता में विचार गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए भाकपा राज्य कार्यकारिणी सदस्य अमेरिका सिंह यादव ने कहा कि 1917 की रूसी क्रांति ने दुनिया के इतिहास में एक नई लकीर खींची। पहली बार मजदूरों और किसानों के नेतृत्व में समाजवादी राज्य की स्थापना हुई, जिसका नेतृत्व कामरेड लेनिन ने किया। इस क्रांति ने साबित किया कि सदियों से चला आ रहा सामाजिक और आर्थिक शोषण अपरिवर्तनीय नहीं है। संगठित और जागरूक जनता संघर्ष के माध्यम से समाज में गुणात्मक बदलाव ला सकती है। मुख्य वक्ता डॉ. श्रीकांत पांडेय ने कहा कि रूसी क्रांति का संदेश आज भी प्रासंगिक है। भारत में जातिवाद, धार्मिक अंधविश्वास और सामंती अवशेष सामाजिक परिवर्तन की राह में बड़ी बाधा बने हुए हैं। संविधान और लोकतंत्र पर गंभीर खतरे मंडरा रहे हैं। आर्थिक एवं सामाजिक विषमता लगातार बढ़ रही है तथा चुनावी व्यवस्था में धनबल का प्रभाव आम आदमी की भागीदारी को कठिन बना रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वर्तमान सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यापक जनएकता और संघर्ष जरूरी है। गोष्ठी को अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजेन्द्र यादव,अम्बेडकर वादी चिंतक रामस्नेही राम, शशिकांत कुशवाहा, ईश्वरलाल, राजदेव यादव, रामलाल, तारा देवी, मन्नू यादव, सुधाकर बिन्द, बचेलाल यादव, चतुरी बिन्द, अंगद यादव, बबन यादव, अजय मिश्रा, जंगबहादुर यादव एवं रामशुक्ला राम सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन भाकपा जिला सचिव जनार्दन राम ने किया।
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