गाजीपुर। लगभग 146 वर्ष पुराने ऐतिहासिक ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन पर सुबह-शाम दो फेरे पैसेंजर ट्रेनों के संचालन की मांग जोर पकड़ रही है। फरवरी 2023 में बंद हुए इस रूट पर दोपहर में केवल एक पैसेंजर ट्रेन चल रही है, जो गांवों और जिला मुख्यालय आने-जाने वाले लोगों के लिए अपर्याप्त है। ताड़ीघाट में रहने वाले और वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रकाश गौतम ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर इस बाबत पत्र सौप कर ययः आग्रह किया है कि दिलदारनगर-पुराने ताड़ीघाट खंड पर सुबह और शाम दो सेट यात्री ट्रेनें पुनः शुरू की जाएं। उन्होंने बताया कि नए ताड़ीघाट स्टेशन तक पहुंचने के लिए 7-10 किलोमीटर घूमना पड़ता है और कोई सीधी सड़क नहीं है। परिणामस्वरूप नए स्टेशन की दैनिक आय मात्र 1500 रुपये रह गई है, जबकि पुराने स्टेशन के समय यह 18,000 से 30,000 रुपये प्रतिदिन थी। पुराने स्टेशन के पास गंगा नदी और राष्ट्रीय राजमार्ग होने के बावजूद नया स्टेशन स्थानीय लोगों के लिए असुविधाजनक साबित हो रहा है। गौतम ने कहा कि प्लेटफॉर्म की कमी के कारण गाजीपुर में अन्य ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित होता है। मांग की गई है कि रेलवे इस खंड पर दो फेरे सुबह-शाम पैसेंजर सेवा बहाल कर क्षेत्रीय जनता को राहत प्रदान करे। साथ ही ऐतिहासिक स्टेशन भवन व संरचनाओं को धरोहर के रूप में संरक्षित किया जाए। यह मांग पूरे पूर्वांचल के लोगों की सुविधा और रेलवे की आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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