वाराणसी। मुंशी प्रेमचंद स्मारक एवं शोध संस्थान (लमही) द्वारा राजभाषा माह के अवसर पर कहानी पाठ और वक्तव्य की श्रृंखला का आरंभ किया जा रहा है। 3 सितंबर 2026 को अपराह्न 2 : 30 बजे श्रृंखला के पहले आयोजन में प्रेमचंद की परंपरा के सुपरिचित कहानीकार श्री शिवमूर्ति अपनी ‘सिरी उपमा जोग’ कहानी का पाठ करेंगे और ‘प्रेमचंद और मेरा लेखन’ विषय पर वक्तव्य देंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभाग, बी एच यू के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राज कुमार करेंगे। प्रो. प्रभाकर सिंह कहानी पर विचार व्यक्त करेंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. महेंद्र प्रसाद कुशवाहा करेंगे। यह आयोजन लमही स्थित संस्थान के सभागार में होगा। यह जानकारी देते हुए संस्थान के समन्वयक प्रो. नीरज खरे ने बताया कि वार्षिक अकादमिक कैलेंडर-2026-27 के अनुसार प्रति माह विभिन्न अकादमिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों की निरंतरता बनाए रखने के लिए संस्थान का वर्किंग ग्रुप प्रयत्नशील है। कहानी पाठ के आगे के आयोजनों में हिंदी कहानी के समकालीन परिदृश्य पर प्रेमचंद की परंपरा या कहानी विधा में उल्लेखनीय लेखन करने वाले कथाकारों को समय समय पर आमंत्रित किया जाएगा। वे प्रेमचंद जी की जन्मस्थली पर कहानी पाठ के साथ अपने वक्तव्यों में यह भी बताएँगे कि अपने लेखन में प्रेमचंद के मूल्यों और सरोकारों को किस तरह अपनाते हैं। इस क्रम की शुरुआत शिवमूर्ति जी के कहानी पाठ से की जा रही है।
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