गाजीपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तृतीय न्यायालय के न्यायाधीश श्वेता वर्मा ने हत्या के मामले शुक्रवार को तीन अभियुक्तो को 8 वर्ष के सश्रम कारावास व अर्थदण्ड से दण्डित किया है। इसकी जानकारी देते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि घटना 8 दिसम्बर 2008 की है वादी रामखेलावन बिन्द का भतीजो व दो लड़को का विवाद सुलझाने में एक पक्ष के बच्चे को मार दिया था इसी बात को लेकर बच्चे के घर वाले दिन में 1 बजे लाठीडंडा लेकर गाली देते हुए वकील को मारने लगे। बचाने के लिए वकील के परिवार के दरोगा व गुलाबी देवी आयी इनको भी मारकर अभियुक्तों ने घायल कर दिया और वकील वही बेहोश हो गया। सदर अस्पताल से डाक्टरो ने बीएचयू रेफर दिया था दौरान इलाज 8 दिन के बाद वकील की मृत्यु बीएचयू में हो गयी थी। घटना का एफआईआर 12 दिसम्बर 2008 को थाना जमानियां में दर्ज हुआ। पुलिस ने 16 जनवरी 2009 को आरोप पत्र न्यायालय मे दाखिल किया। सभी अभियुक्त एक ही परिवार के है। अभियोजन पक्ष ने कुल 9 गवाहो को परीक्षित कराया साक्ष्योपरान्त न्यायालय ने गुणदोष का परिक्षण करने के बाद अभियुक्तगण श्रीराम बिन्द, बुद्धिराम बिन्द व संजय को 304 आईपीसी में 8 वर्ष सश्रम कारावास व 323/34 में एक वर्ष सश्रम कारवास, 504 आईपीसी मे 2 वर्ष सश्रम करावास तथा 506 आईपीसी से 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा तथा प्रत्येक को 15 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।
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