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डिजिटल क्रांति में लखनऊ विश्वविद्यालय ने रचा इतिहास: 21,268 विद्यार्थियों के क्यूआर कोड आधारित आईडी कार्ड डिजिलॉकर पर अपलोड

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सतत निर्देशन और उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘डिजिलॉकर’ (DigiLocker) के अधिकतम व प्रभावी इस्तेमाल की उनकी दूरदर्शी सोच को साकार करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय ने छात्र-सुविधाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। माननीय कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी के कुशल नेतृत्व में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने वाले कुल 21,268 छात्र-छात्राओं के आधिकारिक पहचान पत्र (ID Cards) भारत सरकार के डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक अपलोड कर दिए गए हैं। इस स्तर पर यह अनूठा और व्यापक डिजिटल कार्य करने वाला लखनऊ विश्वविद्यालय देश का पहला राज्य विश्वविद्यालय (First State University in the Country) बन गया है। इस डिजिटल पहल के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों— स्नातक (UG), परास्नातक (PG), पीएचडी (PhD) शोधार्थियों के साथ-साथ डिप्लोमा एवं शास्त्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले समस्त विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। यह डिजिटल पहचान पत्र पूरी तरह से क्यूआर कोड आधारित (QR Code Based) है। सभी पंजीकृत विद्यार्थी अब डिजिलॉकर में लॉगिन करके अपनी प्रोफाइल फोटो के ठीक नीचे दिए गए ‘Generate vCard’ विकल्प पर क्लिक करके अपना डिजिटल आईडी कार्ड आसानी से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल जी के प्रेरणादायी निर्देशन तथा शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों में डिजिलॉकर का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की उनकी दूरदर्शी सोच के अनुरूप, माननीय कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में लखनऊ विश्वविद्यालय ने छात्र-हितैषी और पेपरलेस गवर्नेंस की दिशा में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। सत्र 2026-27 में यूजी, पीजी, डिप्लोमा, शास्त्री से लेकर पीएचडी तक के सभी 21,268 नवप्रवेशित विद्यार्थियों के क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र डिजिलॉकर पर अपलोड कर दिए गए हैं। इस तरह की त्वरित और व्यापक डिजिटल व्यवस्था लागू करने वाला लखनऊ विश्वविद्यालय देश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बन गया है। अब हमारे विद्यार्थियों को अपने पहचान पत्र के लिए विभागों या प्रशासनिक कार्यालयों में कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं है। छात्र सीधे डिजिलॉकर में लॉगिन कर अपनी फोटो के नीचे ‘Generate vCard’ पर क्लिक करके कभी भी अपना डिजिटल आईडी कार्ड प्राप्त कर सकते हैं, जो हर स्तर पर पूर्णतः वैध और सुरक्षित है।” प्रो. मुकुल श्रीवास्तव, प्रवक्ता, लखनऊ विश्वविद्यालय ने पूर्वांचल न्यूज डाट काम को बताया कि डिजिलॉकर पर क्यूआर कोड आधारित vCard उपलब्ध होने के प्रमुख फायदे:

* 1. 24×7 स्मार्टफोन में उपलब्धता और खोने के डर से मुक्ति: विद्यार्थियों को अब हर समय प्लास्टिक या कागजी भौतिक कार्ड जेब में लेकर चलने की बाध्यता नहीं रहेगी[ स्मार्टफोन के डिजिलॉकर ऐप में यह डिजिटल vCard हमेशा सुरक्षित रहेगा, जिससे कार्ड के खोने, फटने, टूटने या चोरी होने का जोखिम पूरी तरह समाप्त हो गया है|

* 2. दफ्तरों के चक्कर और लंबी कतारों से निजात: सत्र के प्रारंभ में हजारों भौतिक कार्डों की छपाई और उनके वितरण में लगने वाले हफ्तों के समय की बचत हुई है[cite: 2]। साथ ही, कार्ड खोने की स्थिति में डुप्लीकेट कार्ड बनवाने की जटिल प्रशासनिक प्रक्रिया से भी छात्रों को हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है।

* 3. क्यूआर (QR) कोड आधारित त्वरित सत्यापन और कानूनी वैधता: सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत डिजिलॉकर से जारी डिजिटल दस्तावेज मूल भौतिक प्रमाण-पत्रों के समान कानूनी रूप से 100% मान्य हैं। यह आईडी कार्ड क्यूआर कोड आधारित है, जिसे स्कैन कर राष्ट्रीय व प्रतियोगी परीक्षाओं, रेलवे/बस/मेट्रो यात्रा रियायतों, बैंकों तथा अन्य सरकारी संस्थानों में छात्र की पहचान का सत्यापन पलक झपकते ही हो सकेगा।

* 4. फर्जीवाड़े पर पूर्ण अंकुश और स्वतः निष्क्रियता: यह प्रणाली सीधे विश्वविद्यालय के अधिकृत सर्वर और छात्र की पंजीकृत APAAR ID से जुड़ी है। इससे बाहरी स्तर पर किसी भी प्रकार के फर्जी या जाली छात्र पहचान पत्र बनने की संभावना शून्य हो गई है। साथ ही, छात्र की पढ़ाई पूरी होते ही यह कार्ड निर्धारित अवधि के बाद स्वतः निष्क्रिय हो जाएगा।

* 5. कैंपस सुविधाओं का सुगम उपयोग: विश्वविद्यालय की केंद्रीय टैगोर लाइब्रेरी, रीडिंग हॉल्स, कंप्यूटर लैब्स, छात्रावासों और खेल परिसरों में प्रवेश व सुविधाओं के उपयोग के लिए छात्र अपने मोबाइल से ही यह क्यूआर कोड आधारित डिजिटल कार्ड दिखाकर या स्कैन कराकर त्वरित एक्सेस प्राप्त कर सकेंगे।

* 6. पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर (Green Campus) की पहल: एक साथ 21,268 से अधिक पीवीसी (प्लास्टिक) कार्ड्स और लेमिनेशन शीट का उपयोग न होने से प्लास्टिक कचरे में भारी कमी आएगी, जो विश्वविद्यालय की पर्यावरण-अनुकूल नीति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है[

कैसे देखें और डाउनलोड करें अपना डिजिटल आईडी कार्ड (vCard):

  1. विद्यार्थी सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में ‘DigiLocker’ ऐप या पोर्टल पर अपने पंजीकृत विवरण व APAAR ID से लॉगिन करें]।
  2. लॉगिन करने के बाद स्क्रीन पर दिख रही अपनी फोटो (Profile Photo) के ठीक नीचे जाएं।
  3. वहां दिए गए ‘Generate vCard’ विकल्प पर क्लिक करें।
  4. क्लिक करते ही आपका क्यूआर कोड आधारित (QR Code Based) आधिकारिक आईडी कार्ड स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा, जिसे आप कभी भी देख और डाउनलोड कर सकते हैं।

 

 

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