आजमगढ़। अग्रसेन महिला महाविद्यालय, आजमगढ़ में प्रधान संपादक अरविंद चित्रांश की “गौरवशाली पूर्वांचल” पुस्तक की भेंट असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ० अनुभा श्रीवास्तव जी (मनोविज्ञान विभाग), डॉ० दीपिका त्रिपाठी जी (हिन्दी विभाग) एवं डॉ० सपना साहू जी (संस्कृति विभाग) के कर-कमलों में सप्रेम भेंट करते हुए कला साहित्य और रंगमंच पर गंभीर चर्चा की गई। आजमगढ़ का यह शानदार कॉलेज, जहाँ कर्मठ, कर्तव्यनिष्ठ और अत्यंत मिलनसार असिस्टेंट प्रोफेसरों द्वारा उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है, वहाँ शिक्षा और संस्कृति के सकारात्मक महत्व पर सार्थक चर्चा हुई। विशेष चर्चा के केन्द्र बिंदु में नारी शक्ति और रंगमंच कला के संदर्भ में डॉ० दीपिका त्रिपाठी, डॉ अनुभा श्रीवास्तव के द्वारा सामूहिक रूप से राष्ट्रीय नाट्य परंपरा पर विस्तृत विमर्श स्वदेश दीपक कृत ‘कोर्ट मार्शल’,मुंशी प्रेमचंद कृत ‘मुक्ति मार्ग’, मोहन राकेश कृत ‘आषाढ़ का एक दिन” और आधे-अधूरे, भिखारी ठाकुर कृत विदेशिया और लेखक/निर्देशक अरविंद चित्रांश का भोजपुरी पारंपरिक लोकनाट्य “बिटिया की विदाई” पर विशेष चर्चा की गई। और भविष्य की योजना में प्राचार्य महोदया के सहयोग से लोक संस्कृति और रंगमंच पर सांस्कृतिक कार्यशाला (Cultural Workshop) का आयोजन,जिसके उपरांत एक राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक आयोजन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। अंत में लेखक/निर्देशक/फिल्म एवं रंगमंच अभिनेता अरविंद चित्रांश ने कहा कि जहाँ शिक्षा है, वहाँ संस्कृति है, और जहाँ संस्कृति है, वहाँ नारी शक्ति का उत्थान है।
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