वाराणसी। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा है कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ एक ऐसी अनूठी पहल है, जिसका उद्देश्य भारत की ‘विविधता में एकता’ के भाव और विचार को लोगों के दिल और दिमाग में स्थापित करना है। यह पहल विद्यालयों के साथ-साथ उच्च शिक्षा संस्थानों एवं आईआईटी जैसे संस्थानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों के विद्यालयों के बीच पेयरिंग के माध्यम से एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा और कला के प्रति परिचय, सम्मान एवं स्नेह विकसित करना इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। कुलपति जी केंद्रीय विद्यालय संगठन, वाराणसी संभाग द्वारा अयोजित दो दिवसीय ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत एवं कला उत्सव 2026’ को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थेl यह कार्यक्रम केंद्रीय विद्यालय काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर, के तत्वावधान में ओंकार नाथ ठाकुर सभागार में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय संगठन के आगरा, जबलपुर, लखनऊ, रांची एवं वाराणसी संभागों से विद्यार्थी एवं सदस्य प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रो. चतुर्वेदी ने केंद्रीय विद्यालय संगठन की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि केंद्रीय विद्यालय पूरे भारत को जोड़ने का कार्य करते हैं। जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी और पूर्व से पश्चिम तक इनमें पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धति, अनुशासन एवं परीक्षा व्यवस्था में एकरूपता है। उन्होंने कहा कि किसी भी केंद्रीय विद्यालय में जाने पर ‘हम भारत में हैं’ का भाव उत्पन्न होता है। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम्, स्वागत गीत एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। विद्यार्थियों द्वारा राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तराखंड एवं ओडिशा के लोकनृत्य तथा भरतनाट्यम एवं कथक सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। दो दिवसीय आयोजन के दौरान विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से देश की विविध लोक कलाओं, संस्कृति, परंपराओं, भाषाओं एवं जीवन शैलियों का परिचय प्रस्तुत करेंगे। कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने भारत की विविधता की तुलना इंद्रधनुष और विभिन्न रंगों के फूलों से करते हुए कहा कि भारत विभिन्न संस्कृतियों, भौगोलिक क्षेत्रों, कलाओं, साहित्य, संगीत एवं नृत्य परंपराओं को समेटे हुए एक अद्भुत देश है।केंद्रीय विद्यालय संगठन, वाराणसी संभाग की उपायुक्त डॉ. सुकृति रैवानी ने कहा कि यह दो दिवसीय राष्ट्रीय एकता पर्व केवल प्रतियोगिता का स्थल नहीं है, बल्कि समृद्ध भारतीय संस्कृति, परंपराओं और विविध जीवन शैलियों का संगम एवं उन्हें उत्सव के रूप में मनाने का अवसर है। केंद्रीय विद्यालय काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर के प्रधानाचार्य ए. के. सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत एवं कला उत्सव’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता, सांस्कृतिक समृद्धि एवं आपसी भाईचारे को समझने और अनुभव करने का सुंदर अवसर है।दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान जोनल स्तर की प्रतियोगिता में कुल 260 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। चयनित प्रतिभागी आगे राष्ट्रीय स्तर एवं एनसीईआरटी द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करेंगे। कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय विद्यालय संगठन, वाराणसी संभाग के सहायक आयुक्त विजय कुमार सोलंकी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संगीत एवं मंच कला संकाय की डॉ. संगीता पंडित, वाद्य संगीत विभाग के संकाय प्रमुख राजेश शाह, दृश्य कला संकाय की संकाय प्रमुख डॉ. उत्तमा दीक्षित उपस्थित रहे।
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