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लखनऊ विश्वविद्यालय का बड़ा शैक्षणिक निर्णय: 4-वर्षीय स्नातक के चौथे वर्ष में ‘यूजी ऑनर्स’ व ‘यूजी ऑनर्स विद रिसर्च’ दोनों विकल्प होंगे उपलब्ध

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के ‘स्नातक कार्यक्रमों के लिए पाठ्यक्रम और क्रेडिट ढांचे (CCFUP)’ की मूल भावना के अनुरूप अपने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में एक अत्यंत महत्वपूर्ण शैक्षणिक सुधार किया है। विश्वविद्यालय अपने मौजूदा 4-वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के चौथे वर्ष में छात्रों को मौजूदा ‘यूजी ऑनर्स विद रिसर्च’ के साथ-साथ एक अतिरिक्त ‘यूजी ऑनर्स’ मार्ग का विकल्प प्रदान करने जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्नातक स्तर के विद्यार्थियों को व्यापक शैक्षणिक लचीलापन प्रदान करना तथा उन्नत विषयगत अध्ययन को सुदृढ़ बनाना है। प्रस्तावित ढांचे के अंतर्गत, चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के पहले तीन वर्ष (छह सेमेस्टर) पूरे करने वाले छात्र चौथे वर्ष में अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार दो मार्गों में से किसी एक का चयन कर सकेंगे:

चयन हेतु उपलब्ध दोहरे शैक्षणिक विकल्प (Dual Pathways):

  1. यूजी ऑनर्स (UG Honours): यह मार्ग उन छात्रों को अवसर देगा जो शोध प्रबंध (Dissertation/Thesis) नहीं करना चाहते, बल्कि अपने प्रमुख विषय में गहन व उन्नत अध्ययन (Advanced Subject Study) करना चाहते हैं। UGC दिशानिर्देशों के अनुसार निर्धारित 12 क्रेडिट का शोध घटक, इस मार्ग में शोध प्रबंध के स्थान पर उन्नत पाठ्यक्रमों (Advanced Coursework) से पूरा किया जाएगा। इसके माध्यम से 7.5 से कम CGPA वाले छात्र भी चौथा वर्ष पूरा कर सकेंगे और 160 क्रेडिट की 4-वर्षीय स्नातक डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। 2. यूजी ऑनर्स विद रिसर्च (UG Honours with Research): यह मार्ग यथावत जारी रहेगा और छात्रों को संरचित स्नातक शोध का अवसर देगा। पहले छह सेमेस्टर में 7.5 या उससे अधिक CGPA (75% अंक) प्राप्त करने वाले पात्र छात्र संकाय सदस्य के मार्गदर्शन में 12 क्रेडिट का शोध प्रोजेक्ट/प्रबंध पूरा करेंगे। कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बताया कि “राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की मूल भावना उच्च शिक्षा को लचीला, समावेशी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है। लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रों की व्यक्तिगत क्षमताओं और भविष्य के लक्ष्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। चौथे वर्ष में ‘यूजी ऑनर्स’ और ‘यूजी ऑनर्स विद रिसर्च’ दोनों विकल्पों का समावेशन विद्यार्थियों को उनकी पसंद के अनुसार उन्नत विषय ज्ञान अथवा मौलिक अनुसंधान में विशेषज्ञता प्राप्त करने का समान अवसर देगा। 7.5 से कम सीजीपीए वाले विद्यार्थियों को भी चौथे वर्ष का अवसर मिलने से उनके लिए उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और वैश्विक करियर के नए द्वार खुलेंगे।” विश्वविद्यालय प्रशासन इस नवीन व्यवस्था के विस्तृत शैक्षणिक विनियम, पात्रता मानदंड, उन्नत पाठ्यक्रम और कार्यान्वयन दिशानिर्देश उपयुक्त वैधानिक निकायों के माध्यम से शीघ्र जारी करेगा। इसके लिए एक 7-सदस्यीय विशेषज्ञ समिति प्रो मनुका खन्ना के नेतृत्व में गठित की गई है जो शीघ्र ही संपूर्ण संरचना और दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोनों ही मार्ग एक ही 4-वर्षीय स्नातक ढांचे के पूरक विकल्प हैं, जो कुल 160 क्रेडिट की 4-वर्षीय स्नातक डिग्री प्रदान करेंगे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय रिसर्च मार्ग के लिए सभी आवश्यक शैक्षणिक और शोध अवसंरचना की उपलब्धता भी निरंतर सुनिश्चित कर रहा है।
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