गाजीपुर! उप कृषि निदेशक ने बताया है कि जनपद गाजीपुर में वर्तमान समय में धान की कटाई का कार्य चल रहा है। धान की कटाई के उपरान्त खेतों में उपलब्ध फसल अवशेष/पराली को जलाने से वायु प्रदूषण के साथ-साथ मृदा के स्वास्थ्य एवं उर्वरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अतः जनपद के समस्त कृषक भाइयों से अपील की जाती है कि धान की कटाई के समय ऐसे कम्बाइन हार्वेस्टर का प्रयोग करें, जिसमें स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम लगा हो। एसएमएस युक्त कम्बाइन हार्वेस्टर धान के फसल अवशेष को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर खेत में समान रूप से फैला देता है। इसके पश्चात कृषक भाई फसल अवशेष को खेत की मिट्टी में मिलाकर उसका उचित प्रबन्धन करें। फसल अवशेष के शीघ्र अपघटन के लिए कृषि विभाग द्वारा अनुशंसित विधि के अनुसार प्रति हेक्टेयर 2 किलोग्राम यूरिया का छिड़काव करते हुए अवशेष को मिट्टी में मिला देना उपयोगी होगा, जिससे सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ने के कारण फसल अवशेष के अपघटन में सहायता मिलती है तथा जैविक पदार्थ के रूप में पोषक तत्व पुनः मिट्टी में लौटते हैं। कृषक भाई किसी भी दशा में धान की पराली/फसल अवशेष को खेत में न जलायें। पराली जलाने से उत्पन्न धुआँ वातावरण को प्रदूषित करता है तथा मानव स्वास्थ्य, पशु-पक्षियों और कृषि भूमि पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा कृषि फसल अवशेष जलाने पर रोक तथा उल्लंघन की स्थिति में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति/दण्डात्मक कार्रवाई के संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं। दण्डात्मक कार्रवाई के अनुसार दो हेक्टेयर तक फसल अवशेष जलाने पर ₹2500 प्रति घटना, 2 हेक्टेयर से चार हेक्टेयर तक ₹5000 प्रति घटना एवं 4 हेक्टेयर से ऊपर तक के लिए ₹15000 प्रति घटना का प्रावधान है। अतः फसल अवशेष जलाये जाने की स्थिति में संबंधित कृषक के विरुद्ध प्रचलित शासनादेशों एवं नियमानुसार दण्डात्मक कार्रवाई तथा पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की कार्रवाई की जा सकती है। अतः जनपद के सभी कृषक भाइयों से अपील है कि “पराली नहीं जलायेंगे, खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ायेंगे और पर्यावरण को स्वच्छ बनायेंगे” के संकल्प के साथ फसल अवशेष का खेत में ही वैज्ञानिक ढंग से प्रबन्धन करें। कृषक भाई फसल अवशेष प्रबन्धन के लिए कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे कृषि यंत्रों एवं तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ लें तथा अपने खेत एवं आसपास के वातावरण को प्रदूषण मुक्त रखने में सहयोग करें।
Purvanchal News जोड़े आपको पूर्वांचल से….