गाजीपुर। प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फार इन-सीटू योजनान्तर्गत जनपद गाजीपुर में फसल अवशेष जलाये जाने से होने वाले वायु प्रदूषण के रोकथाम के उद्देश्य से कृषकों में पराली न जलाने हेतु प्रचार-प्रसार के लिये आज दिनांक 28.10.2026 को मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद द्वारा 8 प्रचार वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। ये प्रचार वाहन जनपद के समस्त ग्राम पंचायतों में/सार्वजनिक स्थलों पर किसानों को जागरूक करेंगे तथा पराली जलाने पर शासन द्वारा लगाये गये निर्धारित जुर्माना से भी अवगत करायेंगे। इसके अतिरिक्त कृषकों के मध्य पराली जलाने पर भूमि, जलवायु एवं मानव स्वास्थ्य को होने वाली हानियों से अवगत कराने एवं जिन कृषकों द्वारा पराली/फसल अवशेष जलाने की घटना सामने आती है उनके विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने के भी निर्देश हैं। कृषकों को यह भी अवगत कराया गया है कि माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के अनुसार फसल अवशेष जलाना दण्डनीय अपराध है। पर्यावरण विभाग को हो रहे क्षति पूर्ति की वसूली के निम्न निर्देश हैं। 02 एकड़ से कम क्षेत्र के लिये रु० 5000, 02 एकड़ से 05 एकड़ क्षेत्र के लिये रु० 10000, 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिये रु० 30000/- तक पर्यावरण कम्पनसेशन की वसूली के निर्देश हैं। कृषक बन्धुओं से अपील है कि धान की कटाई के समय कम्बाइन हार्वेस्टर मशीन में सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग अवश्य किया जाये तथा कटाई के बाद फसल अवशेष प्रबंधन के कृषि यंत्रों का प्रयोग खेत में किया जाये अथवा फसल अवशेष को अन्य कार्यों जैसेकृपशुचारा, कम्पोस्ट खाद बनाने आदि में उपयोग करें।
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