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लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. वरुण छाछर संवैधानिक विधि में देश में 16वें स्थान पर

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय के प्रोफेसर (डॉ.) वरुण छाछर ने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक रैंकिंग में विश्वविद्यालय का नाम आगे बढ़ाया है। विश्व के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का मूल्यांकन करने वाले एडी साइंटिफिक इंडेक्स-2026 ने उन्हें संवैधानिक विधि (कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ) श्रेणी में भारत में 16वां और एशिया में 129वां स्थान दिया है। लखनऊ विश्वविद्यालय में वे संवैधानिक विधि और विधि (लॉ) दोनों श्रेणियों में पहले स्थान पर हैं। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिसर, विधि संकाय और शोधार्थियों में खुशी है। एडी साइंटिफिक इंडेक्स शोधकर्ताओं के प्रकाशनों और उद्धरणों (साइटेशन) से जुड़े आंकड़ों के आधार पर रैंकिंग जारी करता है। इसमें एच-इंडेक्स, आई-10 इंडेक्स और कुल उद्धरणों को आधार बनाया जाता है। इसकी ‘स्मार्ट डिसिप्लिन बेंचमार्क’ श्रेणी में शोधकर्ताओं की तुलना उनके अपने विषय के विद्वानों से की जाती है। इसी आधार पर प्रो. छाछर को संवैधानिक विधि में देश के अग्रणी विद्वानों में जगह मिली है। विधि की व्यापक श्रेणी में भी उन्हें देश में 494वां स्थान मिला है। विश्व स्तर पर संवैधानिक विधि श्रेणी में उनका स्थान 676वां है। इंडेक्स के ‘स्मार्ट मोमेंटम इंडिकेटर’ में प्रो. छाछर का एच-इंडेक्स मोमेंटम स्कोर 1.000 और साइटेशन मोमेंटम स्कोर 0.875 दर्ज किया गया है। ये स्कोर पिछले छह वर्षों के कार्य की तुलना कुल कार्य से करते हैं। इनसे पता चलता है कि उनके शोध को हाल के वर्षों में लगातार उद्धृत किया जा रहा है और उनका अधिकांश प्रभाव हालिया शोध से आया है। रिपोर्ट के अनुसार उनके कुल 16 उद्धरणों में से 14 हाल के वर्षों के हैं। संवैधानिक विधि भारतीय विधि शिक्षा का केंद्रीय विषय है। मौलिक अधिकार, संघवाद, न्यायिक समीक्षा और संवैधानिक नैतिकता जैसे प्रश्न आज न्यायालयों से लेकर नीति-निर्माण तक चर्चा में हैं। प्रो. छाछर लंबे समय से इन विषयों पर अध्यापन और शोध कर रहे हैं। विधि संकाय के शोधार्थियों का कहना है कि वे शोध-लेखन, प्रकाशन और अकादमिक अनुशासन को लेकर विद्यार्थियों को लगातार प्रोत्साहित करते रहे हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय के 151 शोधकर्ता इस इंडेक्स में शामिल हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में संकाय सदस्यों की उपस्थिति से विश्वविद्यालय की शोध-छवि मजबूत होती है। विधि शिक्षा के क्षेत्र में लखनऊ विश्वविद्यालय का विधि संकाय प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में गिना जाता है। ऐसे समय में जब उच्च शिक्षा संस्थानों के मूल्यांकन में शोध-प्रकाशन और उद्धरण बड़ी भूमिका निभाने लगे हैं, संकाय सदस्यों की यह उपलब्धि संस्थान के लिए भी अहम मानी जा रही है। विधि संकाय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने प्रो. छाछर को बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि उनकी यह सफलता युवा शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शोध और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रकाशनों के लिए प्रेरित करेगी।

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