लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के जन्मदिवस पर दोनों राष्ट्रनायकों की पावन स्मृतियों का समारोहपूर्वक स्मरण एवं वंदन किया गया| गांधी एवं शास्त्री जयंती समारोह की मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो अनुपमा कौशिक शर्मा थीं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कुलपति ने अटल भवन के हॉल में गांधी जी एवं शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसके पूर्व, मा. कुलपति महोदया एवं छात्र क्रिया कलाप परिषद् के अध्यक्ष प्रो बी के पांडेय ने परिसर स्थित पंडित मदन मोहन मालवीय एवं वाग्देवी माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया| मुख्य अतिथि माननीय कुलपति के समारोह स्थल आगमन पर कुलसचिव चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी, तथा प्रो बी के पांडेय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया| छात्र छात्राओं, शिक्षकों, एवम कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि जीवन में सादगी दोनों महापुरुषों के जीवन की अनुकरणीय विशेषता है। उन्होंने कहा कि गांधी जी का स्वच्छता के प्रति आग्रह यदि हम अपने जीवन में भी उतार लें, तो हमारा घर, नगर, परिसर, देश सदैव स्वच्छ रहेंगे। उन्होंने कहा कि गांधी जी की कर्तव्यनिष्ठा भी स्पृहणीय थी। यदि उनकी कर्तव्यनिष्ठा का अंशमात्र भी हम अपने जीवन में ला सकें, तो हमे विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, सादगी, संयम, स्वच्छता जैसे मूल्य दोनों राष्ट्रनायकों के चिंतन के मूल में थे। उन्होंने कहा कि यह उल्लेखनीय है कि गांधी जी और शास्त्री जी दोनों सादगी, संयम, और अपरिग्रह के साक्षात उदाहरण रहे। इन दोनों विभूतियों ने आधुनिक भारत की आधारशिला रखी थी। कार्यक्रम के दौरान कुलसचिव चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी ने भी विचार रखे। अध्यक्ष, छात्र क्रियाकलाप परिषद प्रो बी के पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत से हुआ| कार्यक्रम के दौरान अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
Purvanchal News जोड़े आपको पूर्वांचल से….