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बीएचयू में आयोजित हुआ कवि सम्‍मेलन, रचनाएं सुनकर दर्शक हुए मंत्रगुग्‍ध

वाराणसी। महामना की साधना भूमि काशी हिन्‍दू विश्‍वविद्यालय के संस्‍कृतविद्या धर्मविज्ञान संकाय में कविपरिषद् के द्वारा संकायप्रमुख प्रो. राजाराम शुक्‍ल की अध्‍यक्षता में संस्‍कृत कवि सम्‍मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें कवियों ने संस्‍कृत की नयी-नयी रचनाएँ सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्‍ध कर दिया। विद्या एवं कला की राजधानी काशी में बड़े-बड़े विद्वानों, कलाकारों एवं साधकों की तरह बड़े-बड़े कवि-महाकवि भी अनेक हुए हैं, जिन्‍होंने अपनी रचनाओं के द्वारा साहित्‍य सुधा की अतुल्‍य अभिवृद्धि की है तथा समाज को अलौकिक आनन्‍द वृष्टि के साथ-साथ प्रशस्‍त कर्तव्‍य मार्ग के प्रति जागरूक किया है। काशी जिस प्रकार शास्‍त्र की परम्‍परा के लिए विख्‍यात है उसी प्रकार काव्‍य लेखन की परम्‍परा के लिए भी विख्‍यात रही है। वर्तमान में नई पीढ़ी को उस नव सृजन या रचनाधर्मिता की परम्‍परा से अवगत कराकर कवित्‍व प्रतिभा सम्‍पन्‍न युवाओं को उचित अवसर प्रदान करने के लिए एवं काशी एवं देश के सुप्रसिद्ध संस्‍कृत कवि महाकवि व विद्वानों के सानिध्‍य में मार्गदर्शन प्राप्‍त करने के लिए विगत वर्ष संकायप्रमुख प्रो. राजाराम शुक्‍ल ने कवि परिषद् का गठन किया था, जो प्रतिमास संस्‍कृत कवि सम्‍मेलन का आयोजन करती आ रही है, जिसमें काशी के संस्‍कृत कवियों के साथ ही देश के विख्‍यात संस्‍कृत विद्वानों व कवियों का काव्‍यपाठ एवं मार्गदर्शन प्राप्‍त होता रहा है। नेपाल आदि पड़ोसी देश के कवियों का भी काव्‍यपाठ एवं मार्गदर्शन प्राप्‍त होता रहा है। इसी क्रम में कवि परिषद् द्वारा नये सत्र में आज दिनांक 31.07.2026 को कवि सम्‍मेलन सम्‍पन्‍न हुआ, जिसमें संकायप्रमुख प्रो. राजाराम शुक्‍ल ने गणेश जी की वन्‍दना प्रस्‍तुत की। प्रो. पतञ्जलि मिश्र, प्रो. माधव जनार्दन रटाटे, प्रो. शैलेश कुमार तिवारी, डॉ. प्रियव्रत मिश्र, डॉ. गोविन्‍द पॉडेल, वास शर्मा आदि अनेक कवियों ने विभिन्‍न छन्‍दों में काव्‍यपाठ किया जा अत्‍यन्‍त ही श्‍लाघनीय एवं आनन्‍दप्रद रहा।

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