गाजीपुर। जिलाधिकारी द्वारा सूचित किया गया है कि विशेष सचिव, उ0प्र0 शासन, भूतत्व एवं खनिकर्म अनुभाग लखनऊ द्वारा ईट भट्ठा सत्र 2026-27 के लिये उ0प्र0 उपखनिज (परिहार) नियमावली, 2021 के नियम-21(2) के अनुसार ईट भट्ठा मालिकों से पायों के आधार पर विनियमन शुल्क नियमानुसार लिये जाने का निर्णय लिया गया है। शासनादेश में निर्देशित किया गया है कि ईट भट्ठा स्वामी को http://upmines.upsdc.gov.in पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ रू0 2000.00 का आवेदन शुल्क, ईट भट्ठा स्वामी का विवरण, भट्ठा स्थल का Geo-cordinate सहित विवरण, भट्ठा का प्रकार (समान्य/जिग-जैग), पायों की संख्या, ईट-मिट्टी के खनन क्षेत्र का विवरण, भट्ठा सत्र सहित वांछित विवरण फीड करना होगा। फीड की गयी सूचना के अनुसार ईट भट्ठों के पायों की संख्या के आधार पर विनियमन शुल्क एवं फ्लोथन की धनराशि अग्रिम रूप से पोर्टल पर प्रदर्शित लिंक के माध्यम से ऑनलाईन भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के लेखाशीर्षक ‘‘0853- अलौह खनन तथा धातुकर्म उद्योग-107- लघु खनिज रियायत शुल्क‘‘ में जमा की जायेगी। विनियम शुल्क एवं फ्लोथन की धनराशि आनलाईन जमा करने पर ईट भट्ठा स्वामी पोर्टल से ‘‘विनियमन शुल्क जमा का प्रमाण पत्र‘‘ जनित कर सकेंगे। ईट भट्ठा स्वामियों द्वारा विनियमन शुल्क अग्रिम रूप से जमा किये जाने के उपरान्त ही ईट भट्ठे का संचालन किया जायेगा। विनियमन शुल्क की धनराशि जमा किये बिना संचालित ईट भट्ठों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। ईट मिट्टी के लिये देय विनियमन शुल्क की धनराशि के 10 प्रतिशत के समतुल्य धनराशि, ईट बनाने के काम आने वाली फ्लोथन मिट्टी (बलुई मिट्टी) के लिये ईट-भट्ठा स्वामियों द्वारा जमा किया जाना होगा। दिनांक 30.11.2026 तक जमा की गयी विनियमन शुल्क की धनराशि पर किसी प्रकार का ब्याज देय नही होगा, किन्तु उक्त तिथि के उपरान्त जमा की गयी धनराशि पर नियमानुसार ब्याज देय होगा। ईट भट्ठा स्वामियों पर उ0प्र0 उपखनिज (परिहार) नियमावली, 2021 के नियम 3, 21(2), 42(ड) एवं 59(2) के प्राविधान लागू होंगे। उक्त व्यवस्था मा0 न्यायालयों, मा0 राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के आदेशों के अधीन होगी।
Purvanchal News जोड़े आपको पूर्वांचल से….