लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी जी ने विश्वविद्यालय में आयोजित एक समारोह में कल होने वाले विशेष व्याख्यान के पोस्टर का अनावरण किया। इस विशेष व्याख्यान में भारतीय सेना की पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) रहे लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार, पी वी एस एम, यू वय एस एम , ए वी एस एम , ‘ऑपरेशन सिंदूर’ विषय पर अपना व्याख्यान देंगे। यह कार्यक्रम 14 अक्टूबर 2026 को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार (Malviya Hall) में आयोजित किया जाएगा। इस व्याख्यान का उद्देश्य ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े सामरिक पहलुओं, भारतीय सेना की रणनीतिक भूमिका तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न आयामों के प्रति विद्यार्थियों और शिक्षकों में जागरूकता बढ़ाना है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए देश की रक्षा, सैन्य नेतृत्व और राष्ट्रसेवा से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों को समझने का एक विशेष अवसर होगा। लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी | इस अवसर पर मेजर (प्रो.) किरन लता डंगवाल सीनियर मोस्ट एनसीसी ऑफिसर एवं लखनऊ विश्वविद्यालय की एनसीसी के कोऑर्डिनेटर ले. (डॉ ) रजनीश कुमार यादव उपस्थित रहे| लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार सैनिक स्कूल घोराखल, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खडकवासला और भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून के पूर्व छात्र हैं। मार्च 1966 में जन्मे, उन्हें जून 1986 में राजपूत रेजिमेंट/इन्फैंट्री में कमीशन प्राप्त हुआ। भारतीय सेना में 40 वर्षों की सेवा के बाद, उन्होंने 31 मार्च को पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंगइनचीफ़ के पद से सेवानिवृत्ति ली। इस पद पर रहते हुए वे पंजाब और जम्मू सेक्टरों के लिए जिम्मेदार थे तथा ऑपरेशन सिंदूर की सफल योजना और क्रियान्वयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके लिए उन्हें उत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया। लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर व्यापक सेवा की है और विभिन्न स्तरों पर महत्वपूर्ण कमांड तथा स्टाफ नियुक्तियाँ संभाली हैं। उन्होंने सामरिक और संचालन स्तर पर नेतृत्व पदों पर कार्य किया है, जिनमें पश्चिमी सेना कमांडर, सैन्य संचालन महानिदेशक और माउंटेन स्ट्राइक कोर कमांडर शामिल हैं। सेना में उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक और अति विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किए गए। उनकी शैक्षणिक योग्यताओं में मद्रास विश्वविद्यालय से एम.एससी. रक्षा अध्ययन, अमेरिका के वॉशिंगटन डी.सी. स्थित नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी से एम.एससी. राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन, तथा मद्रास विश्वविद्यालय से एम.फिल. रक्षा एवं सामरिक अध्ययन शामिल हैं। उन्होंने रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन और भूटान स्थित भारतीय सैन्य प्रशिक्षण टीम में प्रशिक्षण नियुक्तियाँ भी संभाली हैं। वे नियमित रूप से युद्ध कॉलेज, कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट, स्टाफ कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज में सुरक्षासंबंधी विषयों पर व्याख्यान देते रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रीकमीशन प्रशिक्षण अकादमियों में कैडेट्स को प्रेरणादायी और नेतृत्व सम्बंधी व्याख्यान भी दिए हैं। समकालीन सुरक्षा मुद्दों पर वे समाचार पत्रों में ओपएड/लेख लिखते रहे हैं और समाचार चैनलों पर साक्षात्कारों के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करते रहे हैं।
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