लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की ओर से महिंद्रा एवं नांदी फाउंडेशन के सहयोग से छह दिवसीय ‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम’ (एमपीसी) विद्यार्थी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पांच से 10 अक्टूबर तक चले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ रोजगारपरक कौशल, व्यावसायिक दक्षता और व्यक्तित्व विकास से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में ऑफलाइन माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 36 घंटे का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन नांदी फाउंडेशन की ओर से नियुक्त उद्योग विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक राज कमल मिश्रा ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की अपेक्षाओं और कार्यस्थल की आवश्यकताओं से परिचित कराते हुए प्रभावी संचार कौशल, पारस्परिक व्यवहार, टीमवर्क, व्यावसायिक शिष्टाचार, आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण तथा प्रस्तुतीकरण कौशल की बारीकियां समझाईं। प्रशिक्षण के दौरान संवादात्मक सत्रों, व्यावहारिक गतिविधियों और समूह अभ्यासों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी क्षमताएं विकसित करने का अवसर मिला। इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में रोजगार प्राप्त करने और व्यावसायिक जीवन में सफलता हासिल करने के लिए तकनीकी दक्षता के साथ प्रभावी संवाद, सहयोगात्मक कार्यशैली और पेशेवर व्यवहार भी आवश्यक हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ने की। कार्यक्रम का समन्वयन विभाग की सहायक आचार्य डॉ. स्वप्निता श्रीवास्तव, सहायक आचार्य डॉ. विपुल नारायण तथा सह-आचार्य डॉ. सत्य प्रकाश यादव ने किया। विभाग की यह पहल विद्यार्थियों को नियमित शैक्षणिक पाठ्यक्रम के अतिरिक्त उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक एवं व्यावसायिक कौशल से सुसज्जित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। महिंद्रा एवं नांदी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को सुदृढ़ करना तथा उन्हें भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा।
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