वाराणसी। देश के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर मनाए जाने वाले विश्व छात्र दिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार को अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में समारोह का आयोजन किया गया। सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर वर्षा जल संचयन विषय पर विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों को जल संरक्षण के महत्व और इसकी तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक अल्ट्राटेक सीमेंट के इंजीनियर अंशुमान तिवारी रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को वर्षा जल संचयन संयंत्र की स्थापना, उसकी कार्यप्रणाली और तकनीकी बारीकियों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने इस तकनीक के व्यावहारिक उपयोग तथा वर्षा के पानी को संरक्षित करने के विभिन्न तरीकों की जानकारी भी दी। इस अवसर पर सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष इंजीनियर राजीव मिश्रा ने कहा कि भूजल स्तर में लगातार गिरावट चिंता का विषय है। जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि 300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंडों और निर्माण कार्यों के लिए वर्षा जल संचयन संयंत्र की स्थापना को आवश्यक बनाया गया है। उन्होंने सभी लोगों से अपने घरों में भी ऐसे संयंत्र स्थापित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का संरक्षण भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने उनके जीवन, वैज्ञानिक योगदान और युवाओं को प्रेरित करने वाले विचारों को याद किया। कार्यक्रम का संचालन छात्र प्रियांशु सिंह और वान्या श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर प्रो. यू.के. बनर्जी, डॉ. अश्विनी कुमार सोनकर, इंजीनियर अनुज कुमार, इंजीनियर शुभम कुमार सिंह, इंजीनियर जया सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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