लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपने 69वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से आज अटल बिहारी वाजपेयी वैज्ञानिक कन्वेंशन सेंटर, लखनऊ में फुल-ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया। इस पूर्वाभ्यास के माध्यम से 31 जुलाई, 2026 को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह की सभी व्यवस्थाओं एवं औपचारिकताओं का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। 69वां दीक्षांत समारोह अटल बिहारी वाजपेयी वैज्ञानिक कन्वेंशन सेंटर, लखनऊ में आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। नीति आयोग के सदस्य तथा भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव प्रो. अभय करंदीकर मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में सम्मिलित होंगे। रिहर्सल की शुरुआत पारंपरिक शोभायात्रा (एकेडमिक प्रोसेशन) से हुई। इसके पश्चात विशिष्ट अतिथियों के आगमन एवं आसन ग्रहण, पदक एवं उपाधियों के वितरण, मंच संचालन तथा समूह छायाचित्र सहित समारोह की प्रत्येक प्रक्रिया का विस्तृत पूर्वाभ्यास किया गया। कार्यक्रम को वास्तविक स्वरूप प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने समारोह में शामिल होने वाले विशिष्ट अतिथियों की भूमिकाएं निभाईं।रिहर्सल के दौरान भौतिकी विभाग की प्रो. अंचल श्रीवास्तव, जो लखनऊ विश्वविद्यालय की निदेशक, संस्कृतिकी भी हैं, ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की भूमिका निभाई। प्रो. अनुपमा रस्तोगी ने उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी की भूमिका निभाई। प्रो. विवेक सहाय ने मुख्य अतिथि प्रो. अभय करंदीकर, सदस्य, नीति आयोग एवं भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव, की भूमिका निभाई। प्रो. अरविंद मोहन ने उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की भूमिका निभाई। रिहर्सल के दौरान कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा तथा परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी भी उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने स्वयं सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा समारोह के सुचारु एवं गरिमापूर्ण आयोजन के लिए तैयारियों की समीक्षा की। 31 जुलाई, 2026 को आयोजित होने वाले 69वें दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय 1,25,239 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करेगा। इनमें 93,536 स्नातक (यूजी), 31,006 परास्नातक (पीजी), 419 डिप्लोमा, 30 ऑनलाइन शिक्षा के विद्यार्थी तथा 248 शोधार्थी, जिन्हें पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की जाएगी, शामिल हैं। इस वर्ष उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में 54.38 प्रतिशत छात्राएं तथा 45.62 प्रतिशत छात्र हैं। समारोह के दौरान 204 पदक प्रदान किए जाएंगे। ये पदक 111 विद्यार्थियों को दिए जाएंगे, जिनमें 80 छात्राएं एवं 31 छात्र शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि कई विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए एक से अधिक पदक प्रदान किए जाएंगे।
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