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बीएचयू में वैज्ञानिक अनुसंधान में एआई के अनुप्रयोग पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कला संकाय के शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा ‘वैज्ञानिक अनुसंधान में एआई का अनुप्रयोग’ विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला (एएआईएसआर-2026) का आयोजन 01 से 03 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र का आयोजन शारिरिक शिक्षा विभाग स्थित करण सिंह हॉल में किया गया। कार्यशाला का आयोजन हाइब्रिड माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न विषयों के शिक्षक, शोधकर्ता, विद्यार्थी एवं विशेषज्ञ वैज्ञानिक अनुसंधान तथा शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।उद्घाटन-सत्र में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण, कंप्यूटर विज़न तथा वर्गीकरण जैसी प्रौद्योगिकियों पर आधारित एआई अब केवल विशिष्ट क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह गई है। उन्होंने शोधकर्ताओं को इसके प्रभावी उपयोगकर्ता बनने के लिए प्रेरित किया तथा एआई को शोध को गति देने वाला प्रभावी साधन बताते हुए कहा कि जिन कार्यों को पूरा करने में पहले एक वर्ष लगता था, उन्हें अब एक माह या 15 दिनों में पूरा करना संभव हो सकेगा। इससे शोधकर्ता केवल शोध की अवधि को कम करने के साथ-साथ अधिक गहन एवं महत्त्वपूर्ण प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को AI और सर्च इंजन के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें इनसे आगे बढ़कर विषय की गहरी समझ और व्यापक ज्ञान प्रदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी परिवेश के अनुरूप शिक्षण और मूल्यांकन की पद्धतियों में भी आवश्यक बदलाव किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि AI के उपयोग के लिए बड़े संसाधनों या अत्याधुनिक सुविधाओं की अनिवार्य आवश्यकता नहीं है, क्योंकि अनेक मुक्त और किफायती उपकरण उपलब्ध हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को इन उपकरणों का प्रयोग करने, सभी सत्रों में नियमित रूप से भाग लेने तथा विशेषज्ञों के साथ सक्रिय संवाद करने के लिए प्रोत्साहित कियाविशिष्ट अतिथि प्रो. संजय कुमार सिंह, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग, आईआईटी-बीएचयू ने विद्यार्थियों के बीच AI एवं प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने AI एवं मशीन लर्निंग से संबंधित संसाधनों के लिए समर्पित प्रयोगशाला एवं अधिगम मंच विकसित किए जाने का उल्लेख किया, जहां विशेषज्ञों द्वारा तैयार ऑनलाइन सामग्री, व्यावहारिक सत्र, जिज्ञासा समाधान तथा परियोजना मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रो. सिंह ने अंतर्विषयक अधिगम की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि खनन, धातुकर्म और औषधि विज्ञान जैसे विभिन्न विषयों के विद्यार्थी अपने-अपने क्षेत्रों के आंकड़ों के साथ कार्य कर वास्तविक समस्याओं के लिए AI आधारित समाधान विकसित कर सकते हैं। उन्होंने तेजी से बदलते तकनीकी परिवेश में निरंतर सीखने, व्यावहारिक अनुभव एवं कौशल विकास को महत्त्वपूर्ण बताया।कला संकाय की संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने प्रासंगिक एवं समकालीन विषय पर कार्यशाला आयोजित करने के लिए शारीरिक शिक्षा विभाग को बधाई दी। उन्होंने दैनिक जीवन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि शारीरिक शिक्षा एवं खेलों के क्षेत्र को भी तकनीकी बदलावों के अनुरूप स्वयं को विकसित करना होगा। उन्होंने शारीरिक शिक्षा विभाग को संकाय के रूप में स्थापित करने की दिशा में कुलपति जी के प्रयासों की सराहना की। प्रो. विक्रम सिंह, विभागाध्यक्ष, शारीरिक शिक्षा विभाग ने अपने स्वागत उद्बोधन दिया तथा बताया कि कार्यशाला में केन्द्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा, तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय तथा सनबीम ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों के विशेषज्ञ प्रतिभागियों को वैज्ञानिक अनुसंधान एवं शारीरिक शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग से संबंधित विविध दृष्टिकोणों से परिचित करा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कार्यशाला अधिगम, संवाद, सहयोग तथा वैज्ञानिक अनुसंधान एवं खेलों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी क्षमता को समझने और तलाशने का समृद्ध मंच सिद्ध होगी।कार्यशाला में विभिन्न प्रमुख शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों के विशेषज्ञ और वक्ता शामिल होंगे, जो अनुसंधान में उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग से जुड़े विभिन्न दृष्टिकोण प्रतिभागियों के साथ साझा करेंगे। कार्यक्रम में प्रो. श्रीराम पाण्डेय, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग, केन्द्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा, डॉ. शाश्वत प्रियम खरे, टीएमआईएमटी कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन, तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय, डॉ. बृज किशोर, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, ग्वालियर तथा श्री संदीप मुखर्जी, मुख्य परिचालन अधिकारी, सनबीम ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के सहित अन्य विशेषज्ञ संबोधित करेंगे। कंप्यूटर विज्ञान, सूचना विज्ञान, शारीरिक शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं अन्य संबंधित शैक्षणिक क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर कार्यशाला का उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित दृष्टिकोणों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इनके प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करना है। हाइब्रिड माध्यम से आयोजित कार्यशाला के माध्यम से भौगोलिक सीमाओं से परे शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों की व्यापक सहभागिता और आपसी संवाद को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान ‘हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन’ शीर्षक पुस्तक के पुस्तक-विमोचन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रो. बी.सी. कपरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला के आगामी सत्रों में वैज्ञानिक अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग से संबंधित विशेषज्ञ व्याख्यान एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें प्रो. संजय कुमार सिंह, डॉ. बृज किशोर एवं प्रो. श्रीराम पाण्डेय के व्याख्यान होंगे। इसके पश्चात प्रो. श्रीराम पाण्डेय, प्रो. विक्रम सिंह एवं डॉ. शाश्वत प्रियम खरे के सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यशाला में संदीप मुखर्जी के दो व्याख्यान, एक परिचर्चा तथा समापन व्याख्यान भी प्रस्तावित हैं।

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