गाजीपुर। जनपद के सेवराई तहसील अंतर्गत नौली क्षेत्र स्थित श्री रुद्राम्बिका धाम परिसर में आयोजित श्री रुद्राम्बिका महायज्ञ सह श्रीराम कथा में शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। आम जनमानस के कल्याण एवं विश्व मंगल की कामना से काशी से पधारे विद्वान आचार्यों द्वारा विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ-हवन संपन्न कराया गया। प्रातः आठ बजे प्रारंभ हुए यज्ञ में बारिश की बूंदों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था कम नहीं हुई। सैकड़ों श्रद्धालु यज्ञ मंडप की परिक्रमा करते हुए यज्ञ भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते रहे। यज्ञ की महिमा पर प्रकाश डालते हुए यज्ञाचार्य डॉ. पंडित धनंजय पांडेय ने कहा कि “अग्नि में समर्पित किए जाने वाले बहुमूल्य पदार्थों को अग्नि अपने पास संग्रहित नहीं रखती, बल्कि उन्हें सर्वसाधारण के उपयोग के लिए वायुमंडल में बिखेर देती है। इसी प्रकार मनुष्य को भी अपनी शिक्षा, समृद्धि, प्रतिभा और प्रभाव का अधिकतम उपयोग जनकल्याण के लिए करना चाहिए”। उन्होंने कहा कि ‘अग्नि के संपर्क में आने वाली प्रत्येक वस्तु को अग्नि अपने भीतर आत्मसात कर अपने जैसा बना लेती है। इसी प्रकार समाज के पिछड़े, कमजोर और पीड़ित व्यक्तियों को भी अपने संपर्क एवं सहयोग से आगे बढ़ाकर अपने समान बनाने का प्रयास प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिए’। यज्ञाचार्य ने अग्नि की लौ का उदाहरण देते हुए कहा कि उस पर कितना भी दबाव पड़े, वह नीचे नहीं झुकती, बल्कि सदैव ऊपर की ओर उठती रहती है। इसी तरह जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां, भय और प्रलोभन सामने आएं, मनुष्य को अपना मनोबल, संकल्प और जिजीविषा कमजोर नहीं पड़ने देनी चाहिए। उन्होंने यज्ञ की भस्म का महत्व बताते हुए कहा कि यज्ञाग्नि में आहुतियां अंततः भस्म के रूप में शेष रह जाती हैं। इसे मस्तक पर धारण करते समय मनुष्य को यह भाव रखना चाहिए कि इस नश्वर शरीर का अंतिम परिणाम मुट्ठी भर भस्म ही है। इसलिए जीवन की वास्तविकता को समझते हुए अपने शेष जीवन का श्रेष्ठतम उपयोग समाज और मानव कल्याण के लिए करना चाहिए। यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर रहे श्रद्धालु लगातार ‘यज्ञ भगवान की जय’, ‘सनातन धर्म की जय’, ‘काली मइया की जय’ और ‘गंगा मइया की जय’ के जयकारे लगाते रहे। जयघोष से पूरा यज्ञ परिसर भक्तिमय हो उठा। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की सहभागिता और उत्साह ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। श्री रुद्राम्बिका धाम परिसर में चल रहे इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में क्षेत्रवासियों का असीम सहयोग और सहभागिता बनी हुई है। बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं की निरंतर उपस्थिति आयोजन के प्रति उनकी गहरी आस्था और समर्पण को दर्शाती रही।
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