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एमएमएमयूटी गोरखपुर के चार शोधार्थियों को मिला एआईसीटीई डॉक्टोरल फेलोशिप, बढ़ाया पूर्वांचल का मान

लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के चार शोधार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के चार शोधार्थियों का अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की प्रतिष्ठित डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए चयन हुआ है। इस सफलता से शोधार्थियों ने विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है। एक साथ तीन विभागों के चार शोधार्थियों का चयन विश्वविद्यालय में शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। फेलोशिप के लिए चयनित शोधार्थियों में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के शुभम चौधरी और हर्ष गुप्ता, भौतिक विज्ञान विभाग के अभिषेक सरोज तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के मोहम्मद फैजान शामिल हैं। इन शोधार्थियों ने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा और शोध के प्रति समर्पण से यह सफलता हासिल की है। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की ओर से संचालित डॉक्टोरल फेलोशिप योजना का उद्देश्य उच्चस्तरीय शोध को प्रोत्साहित करना और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देना है। इस योजना के माध्यम से प्रतिभाशाली शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि वे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई संभावनाओं को विकसित कर सकें। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, तीन अलग-अलग विभागों के शोधार्थियों का इस प्रतिष्ठित फेलोशिप के लिए चयन संस्थान में विकसित हो रहे शोध वातावरण और शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचायक है। इससे अन्य विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय स्तर की शोध फेलोशिप प्राप्त करने और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने चयनित शोधार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि चार शोधार्थियों का एआईसीटीई डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए चयन पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने शोधार्थियों और उनके शोध निर्देशकों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा शोधकर्ता अपने अनुसंधान के माध्यम से विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे तथा विश्वविद्यालय और देश का नाम रोशन करेंगे। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में उच्चस्तरीय अनुसंधान, अंतर्विषयक शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। शोधार्थियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, शोध एवं विकास प्रो आर के यादव ने भी चयनित शोधार्थियों को बधाई देते हुए इसे विश्वविद्यालय की शोध गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सफलता अन्य शोधार्थियों को भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।

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